अशोकनगर। नवदुनिया न्यूज

बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा भादोन में एक विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें स्वसहायता समूहों की 70 महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान सिविल जज आकाश शर्मा ने 14 दिसंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में मूल अधिकारों और कर्तव्यों से अवगत कराया। इसी शिविर में वीरेन्ध कुमार चढार जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा साझी गृहस्थी में महिलाओं के साथ होने वाली घरेलू-हिंसा (जैसे- शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक) के समाधान के लिए दिया जाने वाला आवेदन न्यायालय द्वारा अपनाई जाने वाली सरल प्रक्रिया आदि के संबंध में बताया। इस मौके पर लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम अंतर्गत बालकों को एवं महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों के संबंध में महिलाओं को दी जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता एवं आर्थिक सहायता जो कि जिला विधिक प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाती है, के संबंध में विधिक जानकारी दी। इस अवसर पर डॉ. गौरव बंसल, डॉ. संतोष भार्गव द्वारा उपस्थित महिलाओं को एड्स के बचाव एवं जानकारी ही समाधान है विषय पर चर्चा करते हुए एच. आई. व्ही की जांच के लिए चल रहे केंद्र व निशुल्क चिकित्सा सुविधा की जानकारी दी। इस अवसर पर स्व-सहायता समूह की समन्वयक सिस्टर सविता, सिस्टर शालनी, समाजसेवी गोविंद अग्रवाल उपस्थित रहे।

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फोटो44- साक्षरता शिविर में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया।

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खबर नं.10

रामलीलाः भयानक राक्षसी ताडका मारी गई, हुआ पुष्प वाटिका का मंचन

अशोकनगर। नवदुनिया प्रतिनिधि

श्रीराम सिद्ध कला परिषद द्वारा की जा रही रामलीला में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा बाल कलाकार राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का बहुत ही सुंदर मंचन किया गया। यज्ञ विध्वंस ताडका मरण और पुष्प वाटिका की लीला दिखाई गई। राक्षसों के आतंक से परेशान होकर मुनि विश्वामित्र जब राजा दशरथ के पास आते हैं और अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राम लक्ष्मण को मांग कर लाते हैं। इसी बीच दंडक वन में उनकी भेंट खूंखार राक्षसी ताड़का से होती है। इसी बीच श्रीराम के द्वारा राक्षसी ताड़का का अंत किया जाता है। जिसकी सुंदर प्रस्तुति प्रदान की गई। इसी बीच जनकपुरी से मुनि विश्वामित्र को जनकपुरी से समाचार मिलते हैं कि राजा जनक ने धनुष यज्ञ का आयोजन किया है और प्रतिज्ञा की है इस धनुष का भंजन करेगा सीता का विवाह उसी के साथ होगा। इस आमंत्रण को पाकर मुनि विश्वामित्र अपने साथ राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी पहुंचते हैं और धनुष यज्ञ में शामिल होते हैं और फिर वह अपने भ्राता लक्ष्मण के साथ पूजा के लिए पुष्प लेने के लिए पुष्प वाटिका जाते हैं और वहां माली से पुष्प तोड़ने के लिए आज्ञा लेते हैं। इसी बीच सीता जी अपनी सखियों के साथ मां गौरी की पूजा करने के लिए आती हैं और मां गौरी उन्हें वरदान दे देती हैं। इस तरह की सुंदर प्रस्तुति प्रदान की गई। बुधवार की आरती सत्येंद्र शीतल कलावत ने किया। और इसी बीच रामलीला अध्यक्ष धर्मेंद्र रघुवंशी सावन, संयोजक सचिन चौधरी मौजूद रहे और दशकों में देर रात तक श्री रामलीला का आनंद लिया।

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फोटो45- रामलीला में प्रस्तुति देते हुए कलाकार।

Posted By: Nai Dunia News Network