Ashoknagar News: अशोकनगर। भले ही जिले चुनावी सीजन नहीं है लेकिन विगत दिवस मुख्यमंत्री को जिपं अध्यक्ष द्वारा लिखे गए पत्र के बाद जिले की राजनीति गर्मा गई है। इसकी वजह जिपं अध्यक्ष जगन्नााथ सिंह रघुवंशी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया एक पत्र है। जिसमें उन्होंने सीधे-सीधे प्रशासन के साथ राजनेताओं को जुआ और सट्टा जिले में संचालित करवाने का दोषी बनाया है। जहां एक तरफ इसे राजनैतिक प्रतिद्वंदिता माना जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग जिपं के चुनाव में कांग्रेस द्वारा अध्यक्ष मनोनीत करने में सहयोग के बदले इसके कांग्रेस की राजनैतिक चाल मान रहे हैं। फिलहाल इस पत्र के पीछे का सच क्या है यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन राजनैतिक स्तर पर इस पत्र के कई मायने निकाले जा रहे हैं। इधर इस पत्र का हवाला देकर पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी ट्वीरट कर लिखा है कि जगन्नााथ सिंह रघुवंशी जी आपके भाजपा नेता पुलिस कर्मियों से हफ्ता और महीना लेना बंद कर दें तो पुलिस ये सब क्यों होने देगी। उन्होंने कहा कि आप अनुभवी नेता हैं और भाजपा का कौन-कौन नेता वसूली कर किस-किस को दे रहा है आपको सब तो मालूम है। इस पत्र के बाद उथल-पुथल होना लाजमी है।

क्या लिखा है पत्र में

पत्र में जिपं अध्यक्ष श्री रघुवंशी ने तहसीलों एवं छोटे कस्बों मेें विगत कई महीनों से राजनेताओं एवं प्रशासन के संरक्षण में जुआ एवं सट्टा का कारोबार चलने की बात कही है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जुए के फड़ संचालकों द्वारा मोटी रकम प्रशासनिक अधिकारियों एवं राजनेताओं तक पहुंचाई जा रही है। चूंकि पत्र में प्रशासनिक अधिकारियों एवं राजनेताओं के संरक्षण की बात कही गई है साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी के हैं ऐसे में जिला पंचायत के पत्र को लेकर राजनैतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। अब जिला पंचायत अध्यक्ष ने सट्टा व जुए के संचालन में लिप्त अधिकारियों की आर्थिक स्थिति एवं आपराधिक प्रवृत्ति को बढ़ावा देने की जांच किसी स्वतंत्र इकाई से कराने की मांग की है।

पुलिस के साथ अपनी पार्टी के नेताओं पर सवाल

जिले में जुआ, सट्टा का अवैध कारोबार आज से नहीं बल्कि सालों से संचालित हो रहा है। पूर्व में श्री सिंह विधायक भी रहे लेकिन इस तरह का पत्र जिपं अध्यक्ष बनने के बाद लिखते हुए अपनी की पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाना कई सवाल खड़े कर रहा है। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब उन्होंने पत्र लिखा तो राजनेताओं के नाम भी खुलकर सामने आना था। राजनैतिक गलियारों में इस पत्र का उद्देश्य जिपं अध्यक्ष द्वारा खुद के वर्चस्व को लेकर भी देखा जा रहा है।

जिपं अध्यक्ष ने किस उद्देश्य से पत्र लिखा है इसकी मुझें जानकारी नही है। जिले में इस तरह की कोई भी गतिविधि संचालित नहीं हो रही है और जब सूचना मिलती है तो पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई करती है, इसके आंकड़े हमारे पास मौजूद हैं।

- रघुवंश सिंह भदौरिया एसपी अशोकनगर।

Posted By: Lalit Katariya

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