अशोकनगर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के राजपुर क्षेत्र के छीपोन गांव में तीन दिन पहले खेत में एक किसान की मौत हो गई। उनके स्वजन ने मौत का कारण वर्षा से उड़द की फसल खराब होने से सदमा लगना बताया है। उन्होंने बताया कि घर में रुपये नहीं थे तो खेत में रखे पंप सेट इंजन का बेचकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। शनिवार को यह मामला जब सामने आया तो प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के रूप में 25 हजार रुपये पहुंचाए तथा पटवारी व नायब तहसीलदार को मामले की जांच के निर्देश दिए।

गुरुवार को ग्राम छीपोन निवासी 40 वर्षीय किसान लल्लीराम कुशवाह की खेत में मौत हो गई थी। उनके भतीजे मुनेश कुशवाह ने बताया कि चाचा के पास लगभग आठ बीघा जमीन थी। सोयाबीन का बीज महंगा होने के कारण उन्होंने उड़द की बोवनी की थी। लगातार हो रही वर्षा से खेत में कटी रखी फसल खराब हो गई। यह देखकर चक्कर आने से चाचा गिर गए और उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि लल्लीराम की कोई संतान नहीं है। उनकी पत्नी के पास अंतिम संस्कार के लिए पैसे भी नहीं थे। भतीजा मुनेश का कहना है कि संकोच के कारण हमने किसी से अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक मदद नहीं मांगी। खेत में रखे इंजन को छह हजार रुपये में कबाड़ी को बेचकर चाचा के अंतिम संस्कार व अन्य क्रियाकर्म की व्यवस्था की।

अगर बताते तो हम जरूर मदद करते : सरपंच

सरपंच आयशा बानो का कहना था कि लल्लीराम के स्वजन बताते कि अंतिम संस्कार के लिए पैसे नहीं है तो हम जरूर आर्थिक मदद करते। जानकारी लगी तो मृतक किसान के दस्तावेज लेकर राजस्व अधिकारियों को भिजवाए गए।

हमने तत्काल सहायता पहुंचाई

तहसीलदार गजेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि किसान की मौत की जानकारी मिलने पर उसके स्वजन को तत्काल सहायता पहुंचाई गई। मामले की जांच कराई जा रही है कि किसान की मौत की वजह क्या है।

Posted By: Ravindra Soni

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