अशोकनगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। कांग्रेस नेत्री अनीता जैन और भाजपा विधायक जजपाल सिंह जज्जी विधानसभा उप चुनाव में भले ही विरोधी रहे और खूब एक-दूसरे पर कटाक्ष करते रहे, मगर शनिवार को विधायक ने पहल की, तो दोनों अपनी राजनीतिक लड़ाई भूल गए। अनीता जैन का बेटा निजी अस्पताल में भर्ती है। विधायक जजपाल सिंह इनके बेटे को देखने पहुंचे और कुशलक्षेम पूछा, तो जैन भावुक हो गईं और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। विधायक ने इन्हें चुप कराया और भरोसा दिलाया कि किसी भी तरह की जरूरत पड़े, तो वह उन्हें तत्काल याद करें। इसके अलावा डॉक्टरों से भी चर्चा कर जैन के बेटे को अच्छा इलाज देने की बात कही। दरअसल, कांग्रेस नेत्री अनीता जैन की बहू आशा दौहरे ने विधानसभा उप चुनाव में कांग्रेस से चुनाव लड़ा था और जजपाल सिंह जज्जी भाजपा के प्रत्याशी थे। राजनीतिक मंच पर यह दोनों खूब-दूसरे पर कटाक्ष करते रहे थे। हालांकि इस चुनाव में अनीता की हार हुई। विधायक बनने के बाद जज्जी ने अपनी धन्यवाद सभा आयोजित की, तो उसमें भी अनीता जैन को लेकर कुछ बातें कहीं थीं। ऐसे में शनिवार को जब अनीता जैन के बेटे विक्की को विधायक अचानक देखने के लिए अस्पताल पहुंच गए, तो अनीता भी खुद को नहीं रोक पाईं और भावुक होकर विधायक से रोने लगीं। इससे साबित हुआ कि राजनीति में दुश्मनी नहीं होती। मालूम हो, कि विक्की जैन का कुछ दिन से स्वास्थ्य खराब है। बुखार आने के साथ उनकी प्लेटलेट्स काफी कम हो गईं हैं। इनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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