अशोकनगर। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गुरु आज्ञा के मुताबिक अपनी जीवन चर्या बदली तो आज 86 साल की उम्र में भी किसी सहारे की जरूरत नहीं पड़ती। पिछले 61 सालों से शहर के गायत्री साधक लगातार उपासना के साथ सात्विक दिनचर्या अपनाकर बीमारियों से कोसों दूर बने हुए हैं। गायत्री शक्तिपीठ की स्थापना से पहले लगातार यज्ञ को दिनचर्या में शामिल कर चुके इन बुजुर्गों का मानना है कि आज उनके स्वास्थ्य का रहस्य भी यज्ञ हैं।

वैसे तो शहर में गायत्री शक्तिपीठ की स्थापना को करीब 32 साल हो चुके हैं तब से मंदिर पर प्रतिदिन यज्ञ अनवरत रूप से चल रहा है। लेकिन गायत्री परिवार के कुछ उपासक ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी दिनचर्या में इसको शामिल किया तो आज कई तरह के लाभ पा रहे हैं। गायत्री परिवार के बुजुर्ग परिजन अमर सिंह रघुवंशी उम्र 86 साल, भागीरथ सिंह रघुवंशी 86 साल, चंदन सिंह आदि कुछ ऐसे लोग हैं जिनकी दिनचर्या से सीख लेकर आप भी अपने शरीर को रोगों से दूर रख सकते हैं।

यज्ञ की ऊर्जा को बताया स्वस्थ रहने का रहस्य- इस दौरान 86 वर्षीय अमरसिंह रघुवंशी ने बताया कि उनके अंदर इस उम्र में जो ऊर्जा है वह यज्ञ से मिल रही है। उन्होंने बताया कि यज्ञ करोगे तो ऊर्जा मिलेगी, उर्जा मिलेगी तो विचारों में परिवर्तन होगा और विचारों में परिवर्तन होगा तो बाहर के खानपान से बचे रहेंगे। शुद्ध सात्विक खाएंगे तो निरोगी रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सूर्यदय के पहले उठने की आदत बनाएं। प्रतिदिन यज्ञ करें तो उनकी तरह 86 साल की उम्र में युवाओं को बैशाखी की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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