अशोकनगर (नवदुनिया प्रतिनिधि)। सावन माह में पानी को तरसने वाले जिले को भादों ने तरबातर कर दिया है। जिले में वर्षा का लगातार क्रम जारी है। जिले में अब तक 707 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है। बीते 24 घंटों में जिले में 80 मिमी वर्षा होने के कारण कई तालाब और बांध लबालब भर गए। वहीं दूसरी तरफ मप्र और उप्र की सीमा पर बेतवा नदी पर बने राजघाट बांध में पानी का जल स्तर बढ़ने के बाद 18 गेट खोलकर 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे इस मार्ग पर बने पुल के 15 फीट ऊपर पानी होने से एमपी-यूपी का सड़क संपर्क टूट गया है। चंदेरी के रास्ते ललितपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। लोगों को डेम के ऊपर वाले रास्ते से छोटे वाहनों का आवागमन चालू रहा।

लगातार वर्षा के कारण अशोकनगर जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। रविवार से भोपाल सहित ऊपरी क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ गया। सोमवार की शाम तक 18 गेट खोलकर 1 लाख 75 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था लेकिन जब बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा तो शाम 6 बजे के बाद 4 लाख क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू कर दिया। इससे पुल के 15 फीट ऊपर से पानी बहने लगा। बांध का पानी अधिक संख्या में छोड़ने के चलते चंदेरी की सीमा में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अलर्ट कर दिया गया है। स्वयं चंदेरी तहसीलदार लोगों से मवेशियों सहित स्वयं को नदी क्षेत्र के आसपास न जाने की चेतावनी देते रहे।

अमाही सहित छज्जू बरखेड़ा बांध हुआ लबालब

शहर की पेयजल व्यवस्था का प्रमुख स्रोत अमाही लबालब भर गया। बीते 24 घंटों में अशोकनगर तहसील में 126 मिमी वर्षा हुई। इसके कारण अमाही की छरार निकलना शुरू हो गई। सुबह जैसे ही इसकी सूचना शहरवासियों को लगी तो बड़ी संख्या में सैलानियों ने पहुंचकर छरार से निकल रहे झरने में नहाने का लुफ्त उठाया। इसी तरह छज्जू बरखेड़ा बांध भी लबालब हो गया जिसके दो गेट खोले गए। छज्जू बरखेड़ा बांध पर कलेक्टर उमा महेश्वरी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचकर निरीक्षण किया और इसके बाद दो गेट खोलने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिले के अन्य छोटे तालाब और बांध भी तीन दिन की इस वर्षा के बाद लबालब भर गए हैं।

कई स्थानों पर पानी भरा, पैदल चलने वालों को हुई मुश्किल

जिला मुख्यालय पर वर्षा के कारण शहर में जगह-जगह पानी भर गया है। लोगों को घरों से बाहर निकलने में मशक्कत का सामना करना पड़ा। जो लोग घर से बाहर थे। उन्हें घरों तक आने में परेशानी उठानी पड़ी। एलआईसी के सामने स्थिति रोड पर घुटनों तक करीब 6 घंटे पानी भरा रहा तो जिपं कार्यालय में पैदल पहुंचने के लिए लोगों को रास्ता तक नहीं मिला। परिसर में करीब एक फीट से ज्यादा पानी भरा होने के कारण कार्यालय पहुंचे कर्मचारियों के जूते से लेकर कपड़े तक भीग गए। वहीं महावीर कालोनी, नई आबादी, इंद्रापार्क, शांतिनाथ मंदिर जाने वाले रास्तों पर भी आवागमन में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। निचली बस्तियों में लोगों के घरों में पानी भरने से कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ा।

पुराना ड्रेनेज सिस्टम बदलने की जरूरत

जिला मुख्यालय पर ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने के कारण थोड़ी सी वर्षा में रास्तों सहित गलियों में पानी भरना आम बात है। पूर्व में मानसून से पहले नालों की सफाई करवा दी जाती थी लेकिन इस बार परिषद न होने के कारण यह व्यवस्था नहीं हो सकी। अब लोगों को नई परिषद से उम्मीद है कि आगामी मानसून के सीजन में उन्हें इस तरह की समस्या से निजात मिल सकेगी।

जिले में अब तक 707.75 मिमी हो चुकी है वर्षा

जिले में साामान्य औसत वर्षा 882 मिमी की तुलना में अब तक 707 मिमी वर्षा हो चुकी है। इस मानसूनी सीजन में अब तक सबसे अधिक वर्षा अशोकनगर तहसील में 828मिमी दर्ज की गई है। जबकि अन्य प्रमुख तहसीलों में से चंदेरी में 626, ईसागढ़ में 639, मुंगावली में 738 मिमी वर्षा हो चुकी है। वहीं बीते 24 घंटों में कुल औसत वर्षा 80 मिमी हुई है जिसमें अशोकनगर में 126, चंदेरी में 75, ईसागढ़ में 40 और मुंगावली में 80 मिलीमीटर दर्ज की गई है।

स्कूलों में भी भरा पानी

जिले की कई शैक्षणिक संस्थाओं के परिसर में पानी भरने से मंगलवार को पढ़ाई प्रभावित रही। शहर के शासकीय उमावि क्रमांक-2 स्कूल जो तुलसी सरोवर के पास है वहां परिसर में पानी भर गया तो वहीं शंकरपुर मगरदा के सीएम राईज स्कूल में भी पानी भरने से स्कूल में आने वाले बच्चों सहित स्टाफ को समस्या का सामना करना पड़ा। स्कूल के रास्तों में कीचड़ होने के कारण बच्चें स्कूल नहीं पहुंच सके।

Posted By: Nai Dunia News Network

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