अशोकनगर। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 16 साल बाद गुरुवार को अशोकनगर शहर में आए। भाजपा की विजय संकल्प यात्रा में उन्होंने राजेश खन्ना अभिनीत फिल्म 'जनता हवलदार का गाना 'हमसे का भूल हुई जो यह सजा हमको मिली गुनगुनाकर प्रदेश में चौथी बार भाजपा की सरकार नहीं बनने पर अपना दर्द बयां किया।

उन्होंने कहा कि वोट हमारे अधिक हैं, लेकिन हम 2-3 सीटों से पीछे रह गए। बहुमत कांग्रेस को भी नहीं मिला। वह अधूरी सरकार है। कब टपक जाए, पता नहीं।

उल्लेखनीय है कि राजनीतिक गलियारों में अशोकनगर के साथ मिथक जुड़ा है कि जो भी मुख्यमंत्री यहां आया है, उसे अगले चुनाव में ही अपना पद गंवाना पड़ा है। इस मिथक को लेकर पूर्व सीएम प्रकाशचंद सेठी, अर्जुन सिंह, श्यामाचरण शुक्ल, सुंदरलाल पटवा, मोतीलाल वोरा आदि के नाम गिनाए जाते हैं। जो यहां आने के बाद अगले ही चुनाव में अपनी गद्दी से हट गए थे।

माना जाता है कि इसी मिथक के चलते श्री चौहान ने मुख्यमंत्री पद पर रहते कभी अशोकनगर शहर का दौरा नहीं किया, जबकि वे आसपास के मार्गों से निकल जाते थे। वे वर्ष 2003 में यहां आए थे, जब वे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और विदिशा के सांसद थे। उसके बाद अब अशोकनगर शहर में पहुंचे।

श्री चौहान ने भाषण की शुरुआत में इस बात के लिए जनता से माफी मांगते हुए कहा कि बहुत दिनों बाद आया हूं। फिर भी देर आयद, दुरुस्त आयद। उन्होंने भाषण में कर्ज माफी, युवाओं के लिए मवेशी चराने का रोजगार आदि को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखे कटाक्ष किए।

मीडिया से चर्चा में अशोकनगर नहीं आने के सवाल पर श्री चौहान ने स्वीकार कहा कि मैं अशोकनगर शहर में भले ही नहीं आया, लेकिन अशोकनगर जिले में आता रहा हूं। जिले की जनता ने जो प्यार दिया है, वह अभूतपूर्व है। मैं अशोकनगर को अपने दिल में बसाकर रखता हूं।