बालाघाट/वारासिवनी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के डोंगरमाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य स्टाफ व ग्राम के ही सरपंच के साथ हुई कहासुनी का मामला अब लगातार बढ़ता ही जा रहा है। एक तरफ जहां डोंगरमाली के सरपंच सहित पूरा गांव स्वास्थ्य कर्मियों के विरोध में एकजुट होकर डोंगरमाली को बंद कर आंदोलन किया जा रहा है तो वहीं स्टाफ ने भी काम बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है, जिससे स्वास्थ्य सुविधा बदहाल हो गई है।

स्वास्थ्य अमले ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सौंपा ज्ञापनः

स्वास्थ्य अमले ने सरपंच द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार व जान से मारने की धमकी से नाराज होकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से काम बंद कर दिया है और सरपंच की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मुख्यालय पहुंचकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मनोज पांडेय को ज्ञापन सौंपा है।वहीं जब तक उन्हें सुरक्षा नहीं मिलती तब तक उन्होंने काम बंद करने की चेतावनी दी है।

जब तक न्याय नहीं तब तक काम नहीं:

मुख्यालय पहुंचे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. विक्रम शरणागत, नर्सिंग स्टाफ शीला नगपुरे, स्वास्थ्य संगठन के कार्यवाहक अध्यक्ष केके पांडेय ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जब से गार्डन का निर्माण हुआ उसके बाद से ही असामाजिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। प्रसव कराने के दौरान जहां असामाजिक तत्व खिड़की से ताकझांक करते हैं। वहीं रात के समय असामाजिक तत्व स्वास्थ्यकर्मियों के घरों के सामने बैठकर शराब पीते हैं। इस बात का जब विरोध कर शिकायत की गई तो सरपंच ने ग्रामीणों के साथ मिलकर झूठी शिकायत की है कि स्टाफ प्रसव के लिए पांच हजार की मांग करता है और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के साथ ही केंद्र प्रभारी दिनभर नशे में रहता है। इसका दबाव बनाते हुए सरपंच ने बीएमओ के सामने ही केंद्र प्रभारी की कालर पकड़कर जाने से मारने की धमकी दी है और अभद्र व्यवहार पूरे स्टाफ के साथ भी किया है। उन्होंने बताया कि नियम के तहत शासकीय कार्य में बांधा उत्पन्ना करने के मामले में तत्काल ही अपराध दर्ज किया जाना चाहिए बावजूूद इसके मामले को जांच में लिया गया है। जिससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का पूरा स्टाफ दहशत में आ गया है और काम भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत खंड चिकित्सा अधिकारी, एसडीएम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से की गई है और जब तक हमें न्याय नहीं मिलेगा हम काम पर वापस नहीं लोटेंगे।

इधर डोंगरमाली को बंद कर किया प्रदर्शनः

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक व स्टाफ द्वारा प्रसव के लिए रुपये मांगने और भ्रष्टाचार किए जाने के मामले में बोले जाने पर स्वास्थ्य अमले द्वारा सरपंच व ग्रामीणों से अभद्र व्यवहार करने और मामले की थाने में शिकायत किए जाने को लेकर आज डोंगरमाली को बंद कर प्रदर्शन किया गया है। इस दौरान ग्रामीणों ने सभा कर चकाजाम भी किया है। प्रदर्शन के दौरान रुपेन्द्र गौतम ग्राम टुइयपार निवासी समेत अन्य ने बताया कि 24 सितंबर को उसने अपनी पत्नी ज्योति गौतम को प्रसव के लिए डोंगरमाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था जहां उसका चेकअप करने के बाद स्टाफ द्वारा कहा गया कि प्रसव कराना है तो पांच हजार रुपये देना होगा। इस दौरान रानू पटले व शीलू नगपुरे की ड्यूटी तैनात थी। उन्होंने पीड़िता को पैसे नहीं देने पर जिला अस्पताल ले जाने की बात कहीं जिसके बाद पीड़ित ने उसे रुपये दे दिए है।

सरपंच को फोन कर दी सूचना

पीड़ित ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की सूचना उसने फोन पर डोंगरमाली सरपंच मनोज लिल्हारे को दी और उन्होंने इसकी जानकारी दी। जिसके बाद सरपंच, उपसरपंच,पंच समेत अन्य ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और यहां पर उन्होंने केंद्र प्रभारी डा. विक्रम शरणागत से चर्चा की तो उन्होंने स्टाफ का पक्ष लेते हुए सरपंच के सामने ही पीड़ित रुपेन्द्र गौतम को फटकार लगाई और इसका सरपंच द्वारा विरोध करने पर उन्हें भी शासकीय कार्य में बांधा डालने के मामले में फंसाने की धमकी दी है। जिसके बाद ही विवाद का माहौल निर्मित हो गया है।वहीं डोंगरमाली बंद के दौरान मुख्य चिकित्सक विक्रम शरणागत, नर्स शीला नगपुरे, रानू पटले के द्वारा किया गया र्भ्ष्टाचार व लापरवाही के चलते इनको सेवा निर्वत करने की मांग की गई है। इस आंदोलन में पूर्व विधायक योगेंद्र निर्मल, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि मनोज टेंभरे, ग्राम सरपंच मनोज लिल्हारे, भाजपा नेता छगन हनवत, अजय बिसेन, शैलेंद्र शेठी समेत अन्य मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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