Balaghat News: बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारतीय डाक विभाग में 10वीं की फर्जी अंकसूची लगाकर बालाघाट व सिवनी जिले में नौकरी पाने वाले चार युवकों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चार युवक बिहार के हैं जबकि एक राजस्थान निवासी है, जो कि फरार है। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपितों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

दिल्ली व चेन्नई बोर्ड की फर्जी अंकसूची बनवाई

बालाघाट प्रधान डाकघर से कुल 593 पदों पर दसवीं केआधार पर भर्तियां निकली थीं। पांचों युवकों ने 40 हजार से लेकर 80 रुपये तक देकर कक्षा दसवीं की फर्जी अंकसूची बनाकर आवेदन दिया और बालाघाट व सिवनी जिले में नौकरी भी पा ली। लेकिन उनका यह फर्जीवाड़ा दस्तावेजों की जांच में सामने आ गया। दो युवकों ने दिल्ली बोर्ड व दो ने चेन्नई बोर्ड की फर्जी अंकसूची बनवाई थी।

ये आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपित चंदन कुमार पुत्र रामरतन सिंह यादव, निवासी डूमनिया, पोस्ट नदावर बाढ़, पटना बिहार, शिवकुमार पुत्र भीम यादव निवासी बरबरी डीह बिहार, रंजीत पुत्र कैलाश पारित निवासी सहसराव, पोस्ट असाव, बिहार, रोहित पुत्र अमरेश यादव निवासी मिया के भटकन, सीवान बिहार को गिरफ्तार किया है। मनीष कुमार पुत्र मटूलाल मीना निवासी गावडीयापुरा, पोस्ट रघुवशी कुडगांव, करौली राजस्थान ने पदभार नहीं संभाला और वह अभी फरार है।

इन दलालों के नाम आए

कोतवाली थाना प्रभारी केएस गेहलोत ने बताया कि युवकों ने शमीम खान निवासी सीवान बिहार, पंकज सिंह निवासी पटना, बिहार और राजेंद्र निवासी कोटा, राजस्थान के माध्यम से फर्जी अंकसूची बनवाई थी।

इन पदों पर हुए थे नियुक्त

चंदन कुमार यादव का डाकपाल के लिए अजगरा शाखा बिरसा, शिवकुमार यादव का डाकपाल अमेड़ा लांजी, रंजीत पारित अकोला शाखा डाकघर में डाकपाल, मनीष कुमार मीना का शाखा डाकघर लेखा कार्यालय कान्हीवाड़ा और रोहित कुमार यादव का गनेशगंज शाखा डाकघर लेखा कार्यालय लखनादौन में नियुक्ति हुई थी।

इनका कहना है

डाकपाल और सहायक शाखा डाकपाल के पदों पर भर्ती हुए अभ्यर्थियों के दस्तोवजों का सत्यापन जारी है। पांच युवकों की अंकसूची फर्जी पाई गई है। कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज करवाई है। फर्जी अंकसूची लगाकर नौकरी पाने वाले इन लोगों को पद से पृथक करने की कार्रवाई भी की जा रही है।

-अनिल शर्मा, सहायक अधीक्षक डाकघर संभाग बालाघाट।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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