बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाईटेक स्पर्धा के इस दौर में भी बीएसएनएल विभाग टूजी के भरोसे ही जनता के बीच कार्य कर रहा है। जिसके कारण बीएसएनएल लगातार घाटे में जा रही है जिससे कर्मचारियों को भी वीआरएस दिया जा रहा है। वहीं बीएसएनएल कर्मचारियों का संगठन लगातार फोर जी की मांग समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शन की इसी कड़ी में आज कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया है और मांगें पूरी न होने पर जनता के हित को ध्यान में रखते हुए सड़क पर उतरकर आंदोलन की चेतावनी कर्मचारियों ने दी है।

किया जा रहा श्रम कानून का उल्लघंनः प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष साहेबलाल माहूले, जिला सचिव नितिन ब्रम्हे समेत अन्य ने बताया कि 2019 से लगातार केंद्र सरकार से फोर जी की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार फोर जी उपलब्ध कराने के लिए लगातार शर्त रख कर्मचारियों को वीआरएस दे रही है। इतना ही नहीं वर्तमान नये नियम के तहत कर्मचारियों से 12 घंटे काम कराया जा रहा है जो कि सीधा-सीधा श्रम कानूनो का उल्लघंन है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रायवेट कंपनियों को फोर जी,फाइवजी उपलब्ध करा रही है, लेकिन बीएसएनएल को नहीं करा रही है।साथ ही वर्तमान समय में बीएसएनएल को पुर्नजीवित करने के नाम पर जो बजट दिया गया है और शहरी क्षेत्र के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में बीएसएनएल के टावर लगवा रही है। इसमें जहां लाखो का खर्चा हो रहा है और इनकम नाम मात्र की हो रही है। जिससे बीएसएनएल लगातार घाटे में जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close