वारासिवनी (नईदुनिया न्यूज)। शहर से लगी सिकंद्रा पंचायत में मदनपुर सड़क मार्ग पर कालोनी बनाकर उपभोक्ताओं को प्लाट बेचने और उसके बाद किसी भी प्रकार की सुविधा प्रदान नहीं करने के मामले में उपभोक्ता मानिकचंद ठाकरे द्वारा की गई शिकायत के बाद नगर व ग्राम निवेश जिला कार्यालय छिंदवाड़ा के प्रभारी उपसंचालक वीके परस्ते द्वारा कालोनाइजर जसवंत पटले को तीन अगस्त को अंतिम नोटिस जारी कर सात दिनों के अंदर कार्यालय में उपस्थित होकर समस्त दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए गए है। निर्धारित समय सीमा में दस्तावेज पेश नहीं करने पर उनके विरूद्ध अवैध कालोनी का प्रकरण पंजीबद्ध किए जाने नियमानुसार संबंधित विभाग या सक्षम प्राधिकारी को भेजे जाने की बात कही गई हैं।

वारासिवनी अनुविभाग के अंतर्गत पिछले कई वर्षों से विभिन्ना व्यक्तियों द्वारा कृषि भूमि का डायवर्सन करवा कर उसमें प्लाट

काट कर उपभोक्ताओं को विभिन्ना सुविधाओं के सपना दिखाकर जमीन बेचने का क्रम लगातार जारी है।इस पूरे कार्य में राजस्व विभाग के पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों व अन्य अधिकारियों का पूरा सहयोग उन्हें मिलता रहता हैं।पीड़ित उपभोक्ता शिकायतकर्ता मानिकचंद ठाकरे ने लगभग छह वर्ष पूर्व जसवंत पटले से ग्राम पंचायत सिकंद्रा के वार्ड नंबर एक रामनगर कालोनी में प्लाट खरीदा था। जब ठाकरे द्वारा प्लाट खरीदा गयाए तो कालोनाइजर जसवंत पटले ने उन्हें आश्वासन दिया था कि कालोनी में सड़क, नाली, बिजली व सभी मूलभूत सुविधाएं शासन के नियमों के अनुरुप प्रदान की जाएगी। उनके आश्वासन के बाद श्री ठाकरे ने वर्ष 2018 में विधिवत ग्राम पंचायत सिकंद्रा से अनुमति हासिल कर प्लाट पर मकान का निर्माण कर लिया।

लगातार अनुरोध के बाद भी कालोनाइजर ने नहीं दी कोई सुविधाः उसके बाद उनके द्वारा लगातार कालोनाइजर जसवंत पटले से कालोनी में सड़क, बिजली, पानी, नालियां आदि बनाने की मांग की गई। लेकिन इन छह वर्षों में जसवंत पटले द्वारा उन्हें सिर्फ आश्वासन दिया गया, लेकिन कोई भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई गई।

सीएम हेल्पलाइन से लेकर प्रधानमंत्री तक की शिकायतः उपभोक्ता मानिकचंद ठाकरे द्वारा एसडीएम, कलेक्टर, सीएम हेल्पलाइन, प्रधानमंत्री तक अपनी पीड़ा पहुंचाई गई।पर किसी ने भी उनकी पीड़ा को हल करने का प्रयास नहीं किया।एसडीएम ने तो न्यायालय में प्रकरण चल रहा हैं कि आड़ लेकर कोई भी कार्रवाई करने में रुचि नहीं दिखाई।

एसडीएम के निर्देशों व आदेशों का भी किया खुला उल्लंघनः एसडीएम ने ही भूमि का डायवर्सन करने के दौरान अपने आदेश में स्पष्ट लिखा था कि कालोनी निर्माण की दशा में सात बिंदुओं का पालन करने के निर्देश दिए थे।लेकिन कालोनाइजर जसवंत पटले द्वारा एसडीएम के निर्देशों व आदेशों का खुला उल्लंघन करते हुए प्लाटों की बिक्री कर दी गई और आज तक ना तो कलेक्टर बालाघाट और नगर एवं ग्राम निवेश कार्यालय छिंदवाड़ा से कालोनी बनाने के लिए कोई अनुमति ही ली गई।

जारी किया अंतिम नोटिसः मानिकचंद ठाकरे की सुनवाई जब कहीं नहीं हुई तो उन्होंने नगर व ग्राम निवेश कार्यालय छिंदवाड़ा में 30 मई 2022 को अपनी शिकायत दर्ज कराई।जिस पर छिंदवाड़ा से अधिकारियों ने आकर वार्ड नंबर एक सिकंद्रा में रामनगर एक कालोनी की जांच की और उसे नियमों के विरुद्ध पाते हुए कालोनाइजर जसवंत पटले को सात जून 22 व 19 जुलाई 22 को पत्र भेजकर प्रकरण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए लिखा। लेकिन कालोनाइजर जसवंत पटले द्वारा उनके कार्यालय में किसी भी प्रकार के दस्तावेज पेश नहीं किए गए।जिसके उपरांत तीन अगस्त को नगर व ग्राम निवेश छिंदवाड़ा के प्रभारी उपसंचालक वीके परस्ते ने कालोनाइजर जसवंत पटले को अंतिम नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के अंदर दस्तावेज पेश करने के लिए कहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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