बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सरकार ग्राम पंचायतों में बेहतर विकास करने के लिए अनेक योजना संचालित कर रही है।लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते सरकारी प्रयास सिफर साबित होते हुए दिखाई दे रहे है। ये हालात इन दिनों परसवाड़ा जनपद की ग्राम पंचायत भीकेवाड़ा में बने हुए है। यहां पर पिछले पांच साल से पंचायत का सामुदायिक भवन अधूरा पड़ा हुआ है। भवन को बनाने के लिए अनेक बार मांग की गई। इसके बाद भी कार्य पूरा नहीं कराया गया है। जिसके चलते भवन की ईंटे अब खराब होने लगी है।

वर्ष 2017-18 में 20 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन स्वीकृत करवाया गया था। यह निर्माण कार्य जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री,उपयंत्री की देखरेख में हो रहा था और यह निर्माण कार्य ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा था।लेकिन निर्माण कार्य ठीक तरीके से नहीं होने के चलते ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत की गई।जिससे अधिकारियों के निरीक्षण में गुणवत्ताहीन कार्य होने से निर्माण कार्य को रोक दिया गया।इसके बाद से सामुदायिक भवन का कार्य चालू नहीं हो पाया है।ऐसे में सामुदायिक भवन की दीवारों में लगी ईंटे गलने लगी है और किसी भी समय दीवार गिरने की आशंका बनी है।इस भवन का निर्माण कार्य फिर से शुरू कराने की मांग की जा रही है पर इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

सीमेंट का उपयोग करना पाया गया था कमः भिकेवाड़ा में निर्माणधीन सामुदायिक भवन का निरीक्षण पूर्व में अधिकारियों द्वारा किया गया था।जिसमें पाया गया था कि निर्माणधीन उक्त भवन की गुणवत्ता खराब थी।निर्माण कार्य के उपयोग में ली गई रेत में मिट्टी अधिक मात्रा में मिली हुई थी और भवन में लगाए जा रहे ईंट ख़राब थे।साथ ही सीमेंट का उपयोग कम पाया गया। जिसके चलते सामुदायिक भवन निर्माण की गुणवत्ता खराब पाई गई। जिसकी जांच एवं मूल्यांकन पूर्व में रहे जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री व उपयंत्री द्वारा गुणवत्ताहीन बनाए गए सामुदायिक भवन की जांच करते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने की बात कहते हुए सरपंच, सचिव के ऊपर लाखों रुपये की वसूली निकाली गई थी।

निर्माण करने के दिए थे निर्देशः अधिकारियों द्वारा राज्य वित्त आयोग परियोजना से बनने वाले सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया गया था। जिसमें भवन निर्माण में गुणवत्ताहीन कार्य पाया गया था। उपयंत्री द्वारा सरपंच, सचिव को आदेशित किया था कि गुणवत्ताहीन भवन कार्य को फिर से विधिवत अच्छे मटेरियल का उपयोग करते हुए निर्माण कार्य किया जाए। जब से सरपंच, सचिव द्वारा भवन निर्माण कार्य को बंद कर दिया गया। जो आज तक कार्य बंद है और मूल्यांकन किए बगैर ही राशि आहरित कर लिया गया है।पंचायती राज योजना अंतर्गत बनाए गए सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य में बताए गए मापदंडों का पालन न करते हुए भवन में लगने वाली लोहे की रॉड, सीमेंट, ईंटों का इस्तेमाल नहीं किया गया।

इनका कहना

काम का मूल्यांकन पेंडिंग था और गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिली थी। इसका निराकरण होने के बाद ही कार्य शुरू हो पाएगा।

ओमकार सिंगौर, सचिव, ग्राम पंचायत भिकेवाड़ा।

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