वारासिवनी (नईदुनिया न्यूज)। वारासिवनी के ग्राम सिकंद्रा की रहने वाली संस्कृति व प्रकृति वाहने अपने संतूर वादन के कौशल की बदौलत विश्व में कला जगत की प्रतिष्ठित संस्था दरबार फेस्टिवल लंदन में अपनी कला कौशल का प्रदर्शन आगामी 14 अक्टूबर को करेंगी। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए संस्कृति व प्रकृति दोनों बहनें उज्जैन से लंदन के लिए रवाना हो गई हैं। दरबार फेस्टिवल लंदन अंतरराष्ट्रीय कला जगत का एक ऐसा मंच है, जिसमें प्रदर्शन करना प्रत्येक तपस्वी, वरिष्ठ ख्यातनाम कलाकारों का स्वप्न होता है। दरबार फेस्टिवल के मापदंड और उनकी चयन प्रक्रिया से गुजरना प्रत्येक कलाकार के लिए अत्यंत कठिन होता है। लेकिन यह ग्राम सिकंद्रा वारासिवनी के साथ ही प्रदेश ही नहीं संपूर्ण भारत के लिए एक गर्व का विषय है कि इतनी अल्पायु में ही इन वाहने बहनों को दरबार फेस्टिवल ने इनकी कला साधना को पहचान कर अपने मंच पर आमंत्रित कर गौरव प्रदान किया है।

बता दें कि संस्कृति प्रकृति वाहने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रयीय जगत में वाहने सिस्टर्स के नाम से प्रसिद्ध है। बालाघाट जिले के वारासिवनी तहसील के ग्राम सिकंद्रा निवासी संस्कृति प्रकृति वाहने गुरुजी के नाम से प्रसिद्ध सेवानिवृत शिक्षक व उनके दादा डीके वाहने और दादी सुगरता वाहने की पोतियां है। उनके पिताश्री डा. लोकेश वाहने शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय उज्जैन में सितार वादक के पद पर पदस्थ है।दोनों वाहने बहनों ने अपने पिता से छह वर्ष की अल्पायु से ही संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रही है।इस शिक्षा का असर हैं कि आज दोनों बहनें कला जगत के सबसे बड़े मंच पर अपने सितार संतूर के द्वारा 14 अक्टूबर को बारबिकन हाल लंदन में अपनी प्रस्तुति पेश करेंगी। इस प्रस्तुति में तबले पर संगत प्रख्यात तबला वादक यशवंत वैष्णव करेंगे।अपनी माता हेमा वाहने और चाची अरुणा वाहने इंस्पेक्टर के पारंपरिक आश्रय में संस्कारित होती तपती निखरती दोनों बहनें अपने अथक परिश्रम के कारण ही आज इस मुकाम पर है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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