बालाघाट, नईदुनिया प्रतिनिधि। जगत जननी मां के नौ स्वरुपों की पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ प्राप्त करने का त्योहार नवरात्र आज से प्रारंभ हो गया है और इस अवसर पर बालाघाट में पानीपत की तर्ज पर दशहरा के दिन शोभा यात्रा की अगुवाई करने की परंपरा का निवर्हन करने के लिए मुकुटधारी तपस्वी विक्रम त्रिवेदी ने नये राम मंदिर में हनुमान मुकुट की विधिवत तरीके से पूजा-अर्चना कर घट की स्थापना की गई है।

महावीर सेवा दल के पदाधिकारी अमन गांधी, मोहित गांधी ने बताया कि आज नवरात्र के प्रथम दिन हनुमान मुकूट की तपस्वी के द्वारा पूजा-अर्चना के पश्चात महाआरती की गई है और उसके पुराने राम मंदिर में पहुंचकर भगवान श्रीराम को चोला चढ़ाया गया है, जिसके बाद वापस होकर नये राममंदिर में तप किया गया है। उन्होंने बताया कि करीब इस वर्ष हनुमान मुकूट को 56 साल पुराने अखाड़े से नया शृंगार कर लाया गया है, जिससे मुकूट भव्य व आकर्षण दिखाई पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बालाघाट कई वर्षो से यह परंपरा निभाई जा रही है कि दहशरा के दिन भगवान श्रीराम की शोभा की अगुवाई करीब 40 किलो के हनुमान मुकुट को धारण कर तपस्वी रामधुन पर पूरे नगर का भ्रमण कर अगुवाई करते है और दशहरा मैदान में पहुंचकर पूजा-अर्चना पश्चात भगवान राम के द्वारा बुराई के प्रतीक रावण, मेघनाथ व कुंभरण के पुतले का दहन करेंगे।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close