बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भीषण गर्मी की शुरूआत होते ही जंगलों में आग लगने की घटनाए ज्यादा बढ़ने लगती है और वैसे भी अभी महुआ बीनने का कार्य तेजी से चल रहा है। महुआ बीनने वाले लोग कई बार पेड़ के नीचे सूखे पत्तों में आग लगा देते है। इससे वनों के साथ वन्य प्राणियों पर खतरा मंडराते रहता है। इसके लिए जंगल में आग को रोकने वन अमला सुबह से लेकर शाम तक तैनात रहता है। वन परिक्षेत्र बिरसा दमोह में 45 वन समितियों की बैठक लेकर जंगल में महुआ बीनने जाने वाले लोगों को समझाइश दी गई है। ताकि लोग वनों व वन्य प्राणियों का महत्व समझकर जंगल में आग न जलाए। जिससे वन संपदा को कोई नुकसान न हो और वन्यप्राणी ठीक तरीके से विचरण कर सके।

वन परिक्षेत्र बिरसा दमोह के देवगांव, सुंदरवाही, दोसीटोला, रेलवाही, बीजाटोला, परसाई, माटे, बड़गांव, हर्राटोला, सिघनपुरी सहित अन्य गांवों में 18 सर्किलों के जंगलों के लिए चार वन समितियां बनाई गई है। इन गांवों की समितियों की बैठक लेकर बताया गया है कि गांव के लोग सुबह के समय जंगलों में महुआ बीनने जाते है उस समय इन्हें समझाया जाए कि जंगल में सूखे पत्तों के बिल्कुल भी आग न लगाए और बीड़ी भी जंगल में न पीए। इससे आग लगने का खतरा बना होता है। इसीलिए रोजाना वन अमला सुबह नौ बजे से ही जंगल में तैनात रहता है। इतना ही नहीं आग को लगने से रोकने अस्थायी वॉच टावर में दो कर्मचारी तैनात रहते है। यदि कही पर भी आग लगने का लोकेशन मिलता है तो अन्य वन अमला को सूचित कर आग पर काबू पाया जाता है।

इन बातों पर जरूरी देवे ध्यान

वन समितियों की बैठक में वनरक्षक भरतलाल नेवारे ने बताया क्षेत्र में जंगल आदिवासी क्षेत्र की मुख्य पहचान है। इसके लिए हम सभी को जंगल की वन संपदा और वन्य प्राणियों को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। जंगल रहेगा तो सुंदरता बनी रहेगी सबको शुद्ध हवा मिलेगी व वन्य प्राणियों के दर्शन भी होते रहेंगे। इस महत्व को समझते हुए जंगल से महुआ, तेंदूपत्ता संग्रहण कर लाभ अर्जित जरूर करें, परंतु जंगल का दोहन नहीं करें। जंगल की जमीन पर अतिक्रमण न करते हुए लोगों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में समझाए, जंगल में आग नहीं लगाए। आग लगने से वन्य प्राणी जंगल से बाहर निकलते है इससे उनकी असमय मौत हो जाती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि इन बातों को अपने आसपास के लोगों तक पहुंचा कर वन विभाग की सहायता करें।

इनका कहना

जंगलों में इन दिनों महुआ बीनने का कार्य चल रहा है। अधिकतर लोग महुआ के पेड़ के नीचे सूखे पत्तों में आग लगा देते है। इससे जंगल में आग भड़क जाती है। आग को रोकने सभी वन समितियों की बैठक लेकर महुआ बीनने जंगल जाने वाले लोगों को आग नहीं लगाने कहा गया है। साथ ही सभी बीटों में हमारा वन अमला तैनात रहता है। यदि कही आग लगने की सूचना मिलती है तो तत्काल मौके पर पहुंचकर बुझाने में कामयाब रहता है।

सपन ताम्रकार, वन परिक्षेत्र अधिकारी बिरसा दमोह।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags