श्रवण शर्मा, बालाघाट। नईदुनिया छात्र जीवन में शाला नायक रहते हुए स्कूल के मैदान में गंदगी साफ करके स्वच्छता का संकल्प लेने वाले शिक्षक लक्ष्मीचंद मानवटकर आज सैकड़ों बच्चों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। कायदी हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य मानवटकर अब स्कूल में बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके स्कूल में प्रार्थना के बाद पहले शाला परिसर में सफाई की जाती है, उसके बाद पढ़ाई शुरू होती है।

लक्ष्मीचंद मानवटकर ने बताया कि शाला में स्वच्छता कार्य उनकी आदत में शामिल है। पहले यह कार्य उन्होंने खुद किया, फिर शिक्षक साथ आए और अब स्कूल के बच्चे भी प्रार्थना के बाद शौचालय व स्कूल परिसर की सफाई में अपना योगदान देते हैं।

ऐसे मिली प्रेरणा

मानवटकर बताते हैं कि जब वे लालबर्रा के बोरी स्कूल में पढ़ते थे, तब उनके स्कूल के मैदान में खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था, जिस दिन प्रतियोगिता शुरू होनी थी, उस दिन देखा कि खेल के मैदान में किसी बच्चे ने गंदगी कर दी थी। इस कारण खेल शुरू करने में दिक्कत हो रही थी। तब उनसे शिक्षक एसएल उईके ने कहा कि मानवटकर अब क्या करेंगे तो लक्ष्मीचंद मानवटकर ने खुद ही फावड़े से गंदगी को साफ कर दिया।

छुट्टी पर गए तो नहीं हुई सफाई, लौटकर खुद जुट गए सफाई में

प्राचार्य मानवटकर ने बताया कि एक बार वे 3 दिन की छुट्टी पर थे तो तीन दिन स्कूल में सफाई नहीं हुई। जब वह वापस आए तो आते ही झाड़ू उठाकर उन्होंने मैदान व शौचालय की सफाई की। यह देखकर बच्चे भी सफाई करने लगे और पालकों ने भी उनकी सराहना की।

11 साल से बच्चों को स्वच्छता के लिए कर रहे प्रेरित

मानवटकर लालबर्रा के बोरी निवासी हैं। उनकी स्कूली शिक्षा इसी गांव में पूरी हुई है। उच्च्ा शिक्षा हासिल करने के दौरान उन्होंने 1982 में दिल्ली के परेड मैदान में गणतंत्र दिवस पर बालाघाट कॉलेज की ओर से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी किया है। 1984 में 4 मिनट 32 सेकंड में 1500 मीटर दौड़ का भी रिकार्ड रहा है। अनुशासन और स्वच्छता की सीख से अब वे स्वच्छता के नायक के रूप में कार्य कर रहे हैं। 2008 में प्राचार्य के रूप में पहली पोस्टिंग उनकी सिवनी जिले के मारबोड़ी स्कूल में हुई थी। यहां भी उन्होंने 6 साल तक बच्चों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया। 2013 से मानवटकर कायदी हायर सेकंडरी में भी इस कार्य को निरंतर पूरा कर रहे हैं।

इनका कहना ...

कायदी प्राचार्य एलसी मानवटकर द्वारा शाला स्वच्छता के लिए किया जा रहा कार्य निश्चित ही प्रत्येक शिक्षक के लिए प्रेरणादायी है और पूरे प्रदेश के लिए वे रोल मॉडल हैं। स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई कराने की उनकी सोच वाकई सराहनीय है।

- राजेन्द्र लटारे, जिला शिक्षा अधिकारी, बालाघाट

प्राचार्य की लीडरशिप से निश्चित ही बच्चों को प्रेरणा मिलती है और प्राचार्य द्वारा जिस तरह शाला स्वच्छता की प्रेरणा दी जा रही है। वह सराहनीय है। प्रशासन चाहेगा कि अन्य प्राचार्य भी शाला स्वच्छता के लिए भागीदार बनें।

- दीपक आर्य, कलेक्टर, बालाघाट