बालाघाट, नईदुनिया प्रतिनिधि। बालाघाट जिले की जनपद पंचायत खैरलांजी में पदस्थ समन्वयक अधिकारी रमेश कुमार पटले के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की टीम ने सर्च कार्रवाई की। सर्च कार्रवाई के दौरान ईओडब्‍ल्‍यू ने रमेश कुमार पटले की पत्‍नी को भी आरोपित बनाया है।

डीएसपी मंजीत सिंह के नेतृत्व में बालाघाट में वारासिवनी स्थित आवास पर दबिश देकर सर्च कार्रवाई की। शासकीय सेवा में वेतन से करीब 35 लाख रुपये की बचत करने वाला रमेश करोड़पति निकला। इस कार्रवाई में ईओडब्ल्यू ने रमेश की पत्नी लक्ष्मी पटले पर भी शिकंजा कसा है। शासकीय सेवा में रहकर भ्रष्टाचार कर जोड़ी गई संपत्ति की खरीदी रमेश ने लक्ष्मी के नाम पर की थी। प्रकरण की विवेचना निरीक्षक प्रेरणा पांडेय द्वारा की गई थी।

पत्‍नी के नाम पर सम्‍पत्ति: -

1- वारासिवनी में गंगोत्री कालोनी में पत्नि के नाम 2400 वर्गफीट का एक प्लाट जिसमें कामर्शियल काम्प्लेक्स बना है।

2- वारासिवनी में गंगोत्री कालोनी में पत्नी के नाम 2400 वर्गफीट का एक प्लाट।

3-वारासिवनी में गंगोत्री कालोनी में पत्नी के नाम 2 हजार 880 वर्गफीट का एक प्लाट।

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ईओडब्लू के अधिकारी ने बताया कि वारासिवनी के गंगोत्री कालोनी में रहने वाले रमेश कुमार पटले वर्तमान में जनपद खैरलांजी में समन्वय अधिकारी है। जिसके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत लंबित थी। यह मामला की निरीक्षक प्रेरणा पांडे को जांच मिली थी। आरोपित के घर गुरूवार को दबिश दी गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियमऔर साजिश रचने का प्रकरण करते हुए रमेश कुमार पटले और उसकी पत्नी लक्ष्मी पटले को आरोपित बनाया है। रमेश पटले तहसील वारासिवनी के अंतर्गत 13 अप्रैल 1988 ग्राम सहायक के पद पर पदस्थ हुए थे।

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18 नवंबर को स्थानांतरण आदेश वारासिवनी के लिए आग गया था। पिछले शुक्रवार को उसे रिलीव कर दिया गया है।

श्रुति चौधरी, जनपद सीईओ खैरलांजी

Posted By: Ravindra Suhane

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