Kanha National Park: श्रवण शर्मा, बालाघाट। अब कान्हा नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों (देशी- विदेशी) को बैगाओं का लजीज व्यंजन कोदो की खीर मिलेगी। पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए बालाघाट टूरिज्म प्रमोशन कौंसिल ने कान्हा के मुक्की गेट के पास बैगाओं की कला और संस्कृति को बेहतर प्लेटफार्म देने बैगा हाट का निर्माण किया है। जिसमें बैगाओं की संस्कृति और कला को मंच पर लाने के साथ ही उनके देसी खान-पान का स्वाद विदेशों तक पहुंचाने कवायद की जा रही है। बैगा हाट में आने वाले विदेशी पर्यटकों का कोदो की खीर जायका बढ़ाएगी।

कान्हा आने वाले पर्यटकों को बैगा संस्कृति से जोड़कर पर्यटन को बढ़ाने के लिए बैगा हाट को एक विस्तृत बाजार का रूप प्रदान किया गया है। इसमें साज-सज्जा की सामग्री के साथ ही देसी खान-पान की सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही यहां कोदो खीर का चलन बढ़ाने आजीविका मिशन कदम बढ़ा रहा है। महिला समूहों द्वारा आदिवासी अंचल के देसी व्यंजनों को परोसकर पर्यटन का जायका बढ़ाएगा।

महिलाएं बढ़ा रहीं बाजार

बैगा हाट में आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं स्थानीय उत्पादों के साथ यहां बाजार को आगे बढ़ा रही हैं। उनने आत्मनिर्भर बनने के लिए कमर कस ली है। बैगा हाट में साज-सज्जा की सामग्री तैयार कर महिलाएं खाद्य सामग्री बेचकर आय बढ़ा रही हैं। इसमें आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाएं मिट्टी के बर्तन,खाद्य सामग्री,बेम्बू क्राफ्ट बेचने के साथ ही देसी व्यंजन परोसने कैंटीन का भी संचालन कर रही हैं।

ये है मकसद

- कान्हा आने वाले पर्यटकों को लाएंगे गाइड तो उन्हें भी होगा फायदा।

- जिप्सी चालकों को भी होगा लाभ।

- पर्यटकों के बैगा हाट तक पहुंचने से यहां का बाजार बढ़ेगा।

- खरीदारी बढ़ने से दुकानदारों को भी मुनाफा होगा।

- बैगा हाट में बाजार के बीच पर्यटन के साथ बढ़ेगा रोमांच।

- देसी व्यंजन का स्वाद विदेशों तक पहुंचेगा।

कोदो की खासियत : कोदो की खीर आदिवासी अंचल में बालाघाट-मंडला के गांवों में बनने वाला एक खास मीठा व्यंजन है। जो काफी पसंद किया जाता है। यह आदिवासी अंचल के लजीज व्यंजनों में से एक है और पौष्टिक गुणों से भी भरपूर है। इसमें उच्च प्रोटीन आहार फाइबर, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट तत्‍व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। इसका दाना छोटा होता है,जिससे खीर बेहद स्वादयुक्त बनती है।

इनका कहना है

बैगा हाट में लोक संस्कृति को जोड़कर कान्हा के मुक्की गेट के पास पर्यटन के साथ-साथ रोजगार को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आजीविका मिशन की महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नींव मजबूत कर रही हैं। आदिवासी अंचल के देसी व्यंजन परोसकर विदेशों तक इसक स्वाद पहुंचा रही हैं। यहां कोदो की खीर उन व्यंजनों में खास है। बैगा हाट में यह पर्यटकों को खूब भाएगी। इस साल इसे पर्यटन शुरू होते ही बड़े स्तर रखा जाएगा।

- ओम प्रकाश बेदुआ,जिला परियोजना प्रबंधक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बालाघाट

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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