Kanha National Park: बालाघाट(नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रकृति के सुरम्य वातावरण और वन्य प्राणियों की प्रकृति से दिव्यांगों को रुबरू कराने कृत्रिम पार्क बनाने की योजना ठंडी पड़ गई है। तीन साल बाद भी पार्क प्रबंधन इसे जमीन पर नहीं ला पाया है। कान्हा नेशनल पार्क में दिव्यांगों के लिए पार्क प्रबंधन ने खास प्रयोग करने की तैयारी की थी। इसके लिए कान्हा में कृत्रिम पार्क तैयार करने की योजना बनाई थी। जिस पर तीन साल बाद भी अमल नहीं हो पाया है।

ये थी योजना

दिव्यांग वन्य प्राणी बाघ की दहाड़ और चिड़िया की चहचहाहट से रुबरू हो सकें और वे उन्हें पहचान सकें। इतना ही नहीं बाघों के पगमार्क और उनके रियल साइज मोडम से उन्हें महसूस भी करें। इसके लिए कान्हा नेशनल पार्क में कृत्रिम पार्क के विकास की योजना बनाई गई थी। प्रबंधन का कहना था कि यह प्रयोग अब तक देशभर के पार्कों में इस तरह का पहला प्रयोग होगा। जिसमें नेचर पार्क में कृत्रिम पार्क का स्वरूप तैयार कर कान्हा में मिनी पार्क बनाने की योजना बनाई गई थी।

जनवरी 2017 में दिव्यांग बच्चों को कान्हा की सैर कराने के सफल हुए प्रयोग के बाद से पार्क प्रबंधन इसके लिए काम कर रहा था। कान्हा नेशनल पार्क में कृत्रिम पार्क टूरिस्टों के लिए भी खास आकर्षण का केन्द्र बनता। इसका विकास कान्हा के खटिया गेट में किया जाना था। दिव्यांग टूरिस्टों के लिए इससे कान्हा की सैर रोमांचक होती। लेकिन इस दिशा में विभागीय फेरबदल के बाद मामला ठंडा पड़ गया है।

ये होना था

दिव्यांग टूरिस्ट और बच्चेे जो देख नहीं पाते हैं या सुन नहीं सकते हैं। वे आमतौर प्रकृति के इस तरह के अनुभव से अछूते हैं,जिनके लिए कान्हा में बनने वाले कृत्रिम पार्क में नेचर ट्रैल के लिए खास इंतजाम होंगे। न केवल यह पार्क कान्हा के मूल स्व्ारूप की तरह विकसित होगा,बल्कि इसमें एक किमी तक दिव्यांग सैर कर मिनी पार्क का आनंद ले सकेंगे। पार्क में दिव्यांग बैटरी कार से नेचर ट्रैल एरिया में घूम सकें। इसके लिए खास इंतजाम किए जाने थे।

कृत्रिम पार्क में दिव्यांग ऐसे कर सकते हैं पहचान

-कान्हा नेशनल पार्क में इस मिनी(कृत्रिम) पार्क में दिव्यांग बच्चों को ऑडियो सिस्टम के जरिए पक्षियों व वन्य प्राणियों की पहचान कराई जा सकती है।

- पार्क के इस सफर में गाइड की तरह इनके साथ टीचर होंगे। जो उन्हें वन्य प्राणियों के बारे में और कान्हा के प्राकृतिक सौंदर्य की खासियत बताएंगे।

- पार्क में पक्षियों की चहचहाहट से दिव्यांग कर सकेंगे उनकी पहचान।

-म्यूजियम की तरह इस पार्क में रियल साइज मोडम को छूकर दिव्यांग पार्क प्रबंधन की धरोहर और वन्य प्राणियों को महसूस कर सकेंगे ।

ये था मकसद

कान्हा नेशनल पार्क में दिव्यांगों के लिए नेचर ट्रैल तैयार किया जा रहा था । जो एक मिनी कान्हा के रुप में विकसित किया जाना था। दिव्यांग टूरिस्ट के लिए यह खास था,जिसमें दिव्यांग कान्हा में मौजूद वन्य प्राणियों की आवाज सुनकर उन्हें पहचान सकें। दिव्यांगों के लिए मिनी पार्क के विकास से उनके लिए भी कान्हा की सैर खास हो जाएगी। दिव्यांगों के लिए कन्हा के मिनी पार्क की सैर पूरी तरह निशुल्क होगी। हालांकि अब तक महज यहां दिव्यांगों के लिए म्यूजियम ही तैयार हो सका है।

इनका कहना...

कान्हा नेशनल पार्क में कृत्रिम पार्क बनाने की योजना हमारी जानकारी में नहीं है। पूर्व में पार्क प्रबंधन ने क्या योजना बनाई थी,इसकी जानकारी लेगे आगे कार्रवाई की जाएगी।

- एसके सिंह डायरेक्टर कान्हा

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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