गुनेश्वर सहारे, बालाघाट। जिला मुख्यालय से 51 किलोमीटर दूर कटंगी तहसील के उमरी के शासकीय नवीन माध्यमिक स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने का सपना संजोए प्रधानपाठक ने चार साल में स्कूल की सूरत काफी हद तक बदल दी है। उन्होंने खुद के वेतन से स्कूल परिसर में मिनी स्वीमिंग पूल व पेंटिंग्स बनवाई हैं। प्रधानपाठक का मानना है कि सरकारी स्कूल में दर्ज संख्या बढ़ाना है तो स्कूल में पूरा समय देना जरूरी है। इसलिए वह ग्रीष्म अवकाश में भी रोजाना स्कूल आते हैं।

प्रधानपाठक कमलेश अमूले ने बताया कि वर्ष 2015 में शासकीय नवीन माध्यमिक स्कूल उमरी में आए थे तो उस समय स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम थी। यह गांव बहुत बड़ा है और अधिकांश बच्चे निजी स्कूल की ओर रुख करते हैं। निजी स्कूलों में बगीचा, स्वीमिंग पूल, दीवारों पर आकर्षक चित्रकला बनाईं हुई रहती हैं। सरकारी स्कूलों में गरीब तबके के बच्चे ज्यादा पढ़ते हैं और उन्हें निजी स्कूल की तरह सुविधाएं नहीं मिल पाती। कमलेश अमूले ने बताया कि शासकीय स्कूल की ओर पालकों का रुझान बढ़ाने और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने उन्होंने मन में ठान लिया।

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उन्होंने खुद के वेतन से स्कूल परिसर में 25 हजार रुपए की लागत का मिनी स्वीमिंग पूल बनवाया है। इसके अलावा स्कूल की बाउंड्रीवॉल पर 35 पेंटिंग्स पेंटर से बनवाई हैं। इसके लिए अब तक 90 हजार रुपए खर्च हो चुके हैं। पेटिंग्स में विज्ञान, गणित, स्वास्थ्य, विश्व जल दिवस, विश्व पर्यावरण दिवस, स्वच्छ भारत मिशन, इंटरनेट डे समेत 18 दिवस का उल्लेख है। प्रधान पाठक हर साल 8वीं उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को नागपुर के रमन साइंस सेंटर का भ्रमण कराते हैं।

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कंप्यूटर में भी दक्ष होंगे छात्र

अब स्कूल परिसर में गार्डन बनाकर उसमें झूले, फिसलन पट्टी व लाइब्रेरी बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद 6वीं, 7वीं और 8वीं तीनों कक्षाओं के लिए तीन कंप्यूटर खरीदकर बच्चों को कंप्यूटर ज्ञान में भी दक्ष किया जाएगा।

नवीन मिडिल स्कूल उमरी के प्रधानपाठक कमलेश अमूले का कार्य बहुत सराहनीय है। शिक्षा विभाग में ऐसे लोग बहुत कम देखने को मिलते हैं जो पूरे सेवाभाव से स्कूल के प्रति अपने आप को समर्पित कर देते हैं।

-पीके अंगुरे, डीपीसी बालाघाट