रामपायली/वारासिवनी (नईदुनिया न्यूज)। हिंदू हृदय सम्राट मेवाड़ नरेश महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि रामपायली में राजपूत समाज द्वारा मंगलवार को मनाई गई। इस अवसर पर रामपायली क्षेत्र के समस्त राजपूत समाज के बंधुगण मौजूद रहे। इस मौके पर अतिथियों द्वारा महाराणा प्रताप के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम अध्यक्ष ठाकुर नरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि महाराणा प्रताप महान वीर थे और वह 208 किलो का औजार लेकर युद्ध किया करते थे। उनके कवच का वजन 71 किलो और भाला 80 किलो का था। उनकी तलवार के एक ही वार से घोड़े के दो टुकड़े हो जाते थे। उनकी वीरता और देशभक्ति की अनेक कहानियां आज भी प्रचलित हैं। स्वाभिमान की रक्षा के लिए उन्होंने युद्ध को स्वीकार किया। समर्पण कभी नहीं किया। उनकी वीरता को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वह महान वीरों में से एक वीर थे और हमारे आराध्य और प्रेरणादायी हैं।

नवयुवकों को सीख लेने की आवश्यकताः राजपूत समाज रामपायली अध्यक्ष प्रशांत सिंह बैस ने कहा कि वीरों के वीर महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें हृदय से नमन करता हूं। वह प्रेरणादायी व्यक्तित्व थे उनकी प्रेरणा से आज हम नवयुवकों को सीख लेने की आवश्यकता हैं। वह स्वाभिमान के लिए युद्ध क्षेत्र से कभी हटे नहीं। उनकी वीरता की अनेक कहानी है जो प्रेरणादायी हैं।कार्यक्रम में राजकुमार सिंह बैस, सचिन सिंह चौहान, चैन सिंह बैस, शैलेंद्र सिंह बैस, अमित सिंह बैस, अमित सिंह चौहान, राजेंद्र सिंह चौहान, शैलेंद्र सिंह चौहान, आकाश सिंह चौहान आदि अनेक वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन काल पर प्रकाश डालते हुए उन्हें नमन किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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