बालाघाट। जिले के जंगलों में आतंक का पर्याय बने नक्सलियों ने एक बार फिर आगजनी की वारदात कर निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाई है। पिछले सात साल में जिले के जंगलों में नक्सलियों ने 5 बार निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाने ठेकेदार के वाहन फूंके हैं। 30 मई को नक्सलियों ने लांजी के सायर-संदूका में वाहन फूंके हैं।

निर्माण कार्यों में पहुंचाई बांधा

पिछले सात वर्षों में जिले में नक्सलियों ने 5 बड़ी वारदात कर निर्माण-विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की नियत से वाहन फूंके हैं।

नक्सलियों ने कब फूंके वाहन

केस -1

2 जुलाई 2008 में लांजी थाना अंतर्गत टेमनी में नक्सलियों ने करीब 12 करोड़ की लागत से बनने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बन रही करीब 22 किमी की सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न करने की नियत से तीन निर्माण उपयोगी वाहन आग के हवाले किए थे।

केस -2

बिरसा थाना अंतर्गत 2 जून 2010 को नक्सलियों ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना अंतर्गत करीब 13 किमी लंबाई की चार करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न करने की नियत से निर्माण उपयोगी वाहन फूंके थे। जिसमें मलाजखंड व तांडा दलम ने एक जेसीबी मशीन, एक एलएनटी मशीन, एक एमएस-70 मशीन, एक पिकअप वाहन, चार ट्रैक्टर, चार मोटर साइकिल आग के हवाले की थी।

-17 मार्च 2012 में यहां नक्सलियों ने अडोरी, कोरका सड़क निर्माण में काम करने वाले एक मजदूर के पैर में कील ठोंक दी थी।

ठेकेदार पर लगाया गया था फाइन

नक्सलियों की वजह से पांच साल तक अडोरी-कोरका का सड़क निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया था। इस मामले में ठेकेदार सुभय वैद्य को अडोरी-कोरका सड़क का निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं कर पाने के कारण हाईकोर्ट ने 90 लाख रुपए का फाइन लगाया था।

केस -3

23 अप्रैल 2012 को हट्टा थाना क्षेत्र के कोठिया टोला में नक्सलियों ने कसंगी सड़क निर्माण के दौरान उपयोग की जा रही पोकलैंड मशीन को आग के हवाले किया था। साथ ही ठेकेदार के नाम धमकी भरे पर्चे छोड़े थे। जिसमें उन्होंने संबंधित ठेकेदार गनपत पटेल को जान से मारने की धमकी दी थी। कोठिया टोला में करीब 20 सशस्त्र नक्सलियों ने वाहन को आग के हवाले किया था। करीब 3 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के निर्माण में बाधा उत्पन्न की थी।

केस -4

25 फरवरी 2013 को लांजी थाना अंतर्गत प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बन रही करीब 5 करोड़ की लागत से बनने वाली डाबरी-दड़ेकसा सड़क का निर्माण कार्य बाधित करने के लिए नक्सलियों ने तीन वाहनों को आग के हवाले किया था। ठेकेदार एनएन पोगलिया के यहां नक्सलियों ने झकुरदा में तीन वाहन जलाए थे। ट्रैक्टर व जेसीबी मशीन के अलावा एक अन्य वाहन को आग के हवाले किया था। करीब 50 लाख रुपए का नुकसान किया था। यह निर्माण कार्य अब तक बाधित है।

इस प्रकार नक्सलियों ने पिछले पांच वर्षों में करीब 24 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़कों के निर्माण में बाधा उत्पन्न की है।

अन्य वाहन भी फूंके

हालांकि किसी भी भवन निर्माण में नक्सलियों ने बाधा नहीं पहुंचाई है। जबकि 28 मई 2010 को नक्सलियों ने कम मजदूरी, बोनस के विरोध में लांजी में स्थित तेन्दूपत्ता फड़ में आग लगाई थी। जिसमें करीब 45 बोरे तेन्दूपत्ता आग के हवाले किया था। 12 अप्रैल 2016 को लांजी के माताघाट में नक्सलियों से बांस से लदे ट्रक को आग के हवाले कर दिया था।

देबरवेली के सायर-संदूका में वाहन फूंके जाने की खबर मिली है। जिसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पार्टी मौके पर रवाना की गई है। -डीसी सागर, आईजी बालाघाट

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