बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के ग्राम कंदला के जंगल में मारे गए तीन नक्सलियों की कहानी भी एकदम जुदा है। मारा गया दड़ेकसा दलम का कमांडर इन चीफ नागेश उर्फ राजु तुलाबी गढ़चिरौली निवासी है जो न सिर्फ रेंड एंबुस का जानकार था बल्कि उसका मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ व महाराष्ट्र के जंगल में इसका आंतक फैला हुआ था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उसे हिंदी, गोंडी, मराडी, कन्नाड़, छत्तीसगढी, अंगेजी समेत अन्य भाषाओं अच्छी खासी जानकारी थी जिसका ही फायदा उठाकर वह लगातार नक्सली गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, महाराष्ट्र के गढ़चिरौली समेत अन्य स्थानों पर दलम में नक्सलियों की संख्या को बढ़ा रहा है। नागेश की मौत के बाद नक्सलियों को बढ़ा नुकसान पहुंचा है।

मलाजखंड के नक्सली मंगेश से रामे ने की थी शादीः सूत्रों से मिली जानकारी मुठभेड़ में मारी गई महिला नक्सली रामे दक्षण बस्तर जिला सुकमा छत्तीसगढ़ की निवासी है और वह कान्हा भोरमदेव दलम की एरिया कमांडर थी जिसे नाट्य कला का भी हुनर आता था और वह चेतना मंच के नाट्य कलाकर के तौर पर अपना हुनर प्रदर्शित करती थी। वहीं उसने मलाजखंड दलम से जुड़े नक्सली मंगेश से शादी की थी हालांकि 2019 में लांजी के पुजारी टोला में पुलिस ने मुठभेड़ में मार किया था। जिसके बाद से ही रामे और भी अधिक कुख्यात हो गई थी। वहीं मनोज बस्तर छत्तीसगढ़ निवासी दड़ेकसा दलम का एरिया कमेटी सदस्य भी नाट्य कला का जानकार था।

बालाघाट के जंगल में फिर बढ़ सकता है लाल आंतकः बालाघाट जिले के जंगल में करीब 90 के दशक से नक्सली सक्रिय हुए है, और उन्होंने कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है, लेकिन बहेला थाना क्षेत्र के ग्राम कंदला के जंगल में पुलिस ने दड़ेकसा दलम के कमांडर इन चीफ नागेश, दड़ेकसा दलम के मनोज व कान्हा भोरम दलम की रामे को मुठभेड़ में ढेर कर दिया है, इस घटना के बाद से बौखलाए नक्सली अपने साथियों की मौत का बदला लेने की फिराक में है और एक बार फिर से बालाघाट का जंगल नक्सलियों के लाल आंतक का शिकार हो सकता है।हालांकि पुलिस भी लगातार इस बात का दावा कर रही है कि पुलिस बालाघाट के जंगल नक्सलियों को नाकामयाब लगातार कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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