उकवा (नईदुनिया न्यूज)। आदिवासी क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान है।चौबीस घंटों में कितने बार बिजली गुल हो रही है। इसका कोई अंदाजा नहीं है। ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत अनेक बार लाइन को किए जाने के बाद गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। जिसके चलते जरासी आंधी तूफान आने पर लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती है।दरअसल,बारिश का मौसम प्रारंभ हो गया है। ऐसे में यह पूरा वनांचल एरिया होने से बिजली गुल रहने से लोगों के लिए आफत बढ़ गई है।क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से इस ओर ध्यान देने की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि आदिवासी क्षेत्र के अधिकांश गांव जंगल में बसे हुए है। इससे बिजली गुल रहने पर बारिश के मौसम में कीड़े मकोड़े और हिंसक वन्य प्राणियों का भय बना रहता है।चौबीस घंटे में बिजली कितने बार आते जाती है।इसके संबंध में बता पाना मुश्किल है।जिसके चलते कई सारे कामकाज प्रभावित हो रहे है।ग्रामीणों का कहना है कि विद्युत विभाग द्वारा अनेक जगह जहां पर पेड़ों की टहनियां विद्युत तारों से टकरा रही है।उसी वजह से भी अनेक बार बिजली गुल हो जाती है।इसके लिए विद्युत विभाग चाहिए की पेड़ों की टहनियों की छटाई करवाई जाए।ताकि पेड़ों की टहनियों से तारों के टकराने से बिजली गुल न हो सके।

इन गांवों में परेशानीः बिजली गुल रहने से क्षेत्र के ग्राम उकवा, समनापुर, दलदला, पौंडी, उमरिया, चिखलाझोड़ी, रूपझर,दिनाटोला, खमरिया, खुरसुड़, जैतपुरी, गौनाझोला,गोदरी टोला, हुड्डीटोला, गुदमा, लगमा, राजपुर, पिंडकेपार, सुंदरवाही, लीलामेटा, सोनपुरी, नारंगी, बिठली, सोनेवाने, हर्रानाला, कोंगेवानी, लूद, मंडवा, लातरी, डोंगरिया सहित अन्य गांवों में परेशानी बनी है।

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