कटंगी (नईदुनिया न्यूज)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी में मलेरिया निरोधक माह पर मलेरिया एडवोकेसी पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।जिला मलेरिया अधिकारी डा. एम जुनेजा व खंड चिकित्सा अधिकारी डा. पंकज दुबे के नेतृत्व में कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यशाला में मलेरिया निरीक्षक जीआर भलावी ने जीवी मलेरिया वाहकों की प्रजातियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

मलेरिया के कारण, लक्षण, उपचार और रोकथाम के बारे में बताया।कार्यशाला में स्वास्थ्य कर्मचारियों को बताया कि विगत पांच वर्षों में जिन ग्रामों में मलेरिया के प्रकरण पाए गए है वहां विशेष सर्विलेंस एवं लार्वा सर्वे अभियान चलाया गया।इसके अलावा महाराष्ट्र सीमा से सटे गांवों में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जो लोग काम की तलाश में अन्य महानगरों में जाते है और मई-जून माह में अपने घर आते है उन सभी लोगों की गांव पहुंचने पर मलेरिया की जांच की जाएगी।कार्यशाला में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को जानकारी दी गई कि वह ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक करें।बुखार आने पर तुरंत खून की जांच करवाए।मलेरिया पाजिटिव होने पर मलेरिया दवा नीति के अनुसार पूर्ण उपचार लें।वहीं,लंबे समय से पानी से भरे गड्ढों में मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन आइल डाले।

लार्वा सर्वे व लार्वा नष्टीकरण और मलेरिया प्रभावित ग्रामों में पूर्ण छिड़काव कराए आदि जानकारी दी गई।कार्यशाला में प्रमुख रुप से बीइ जानकी हरिनखेड़े,बीपीएम जवाहर बिसेन,बीसीएम दिनेश राहंगडाले,आइसीटीसी परामर्शदाता चंद्रदीप साहू,एएनएम, एमपीडब्ल्यू,एलएचवी सहित सेक्टर सुपरवाइजर उपस्थित रहे।

सोसायटी में डीएपी खाद उपलब्ध कराने की शासन प्रशासन से मांग

वारासिवनी।सेवा सहकारी समिति मर्यादित में डीएपी खाद उपलब्ध कराए जाने की मांग की जा रही है।इन दिनों खरीफ फसल की बोवनी कार्य अब जल्द ही शुरु होने वाला है।युवा समाजसेवी आनंद बिसेन ने बताया कि किसान रबी की फसल उगाई के बाद मिरग लगते ही अपने खरीफ फसल की जुताई, बोवाई और खेतों की तैयारियों में लग गया है। किसान को अपनी खरीफ की खेती की चिंता सता रही है और व्यवस्थायें भी बीज खाद की करनी है।आगामी समय में किसानों को बहुत जल्दी दस से पंद्रह दिन के अंदर कृषि रोपा यानी खार के लिए पूर्व वर्षों की भांति डीएपी कृषि खाद फर्टीलाइजर की निरंतर आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन वर्तमान में ग्रामीण साख प्राथमिक समितियों सहकारी सोसायटियों में डीएपी कृषि खाद नहीं हैं। जिसको लेकर हमारा किसान परेशान और चिंतित है वह अपने जनप्रतिनिधियों, सहकारी किसान नेताओं से डीएपी खाद सोसायटियों में आपूर्ति की मांग रख रहा है।किसानों की मांग के बाद आनंद बिसेन ने जिला प्रशासन के जिला विपणन अधिकारी हिरेंद्र रघुवंशी से किसान हित में चर्चा कर मांग रखकर तत्काल डीएपी खाद सोसायटियों में उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।जिला विपणन अधिकारी रघुवंशी ने आश्वस्त कर बताया कि उन्होंने प्रदेश सरकार के समक्ष विभागीय तौर पर बालाघाट जिले के लिए दो रेक लगभग 6000 टन डीएपी सोडा डिमांड की हैं। जो आगामी आठ से दस दिनों में आने की संभावना है और जैसे ही डीएपी की रेक जिले में आएगी।जिले की सभी सोसायटियों को अतिशीघ्र समानता से मांग के आधार पर पूर्व वर्षों की व्यवस्था के अनुरूप डीएपी खाद उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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