बालाघाट। कटंगी।नईदुनिया न्यूज। जिले में इन दिनों धान की कटाई का काम जोरों पर चल रहा है।क्योंकि वर्षा होने से धान अधिकतर खराब हो गया है। ऐसे में किसान मशीन से लेकर मजदूरों से कटाई करवा रहे है।इधर तिरोड़ी के बड़पानी बीट क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की शाम ग्राम मासुलखापा निवासी एक युवती धान की कटाई कर घर लौट रही थी। तभी उस पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले की जानकारी आसपास के गांवों में लगने पर लोगों दहशत का माहौल व्याप्त है और किसानों ने खेतों की ओर जाना बंद कर दिया है और धान कटाई कार्य थम गया है।वन विभाग ने गांव में मुनादी करवाकर उस क्षेत्र में जाने से मना किया है।

वन परिक्षेत्र कटंगी के पठार क्षेत्र में आने वाले पूरे जंगल सिवनी पेंच से जुड़े होने के चलते वन्यप्राणी बाघ, तेंदुए, हिरण, भालू, नीलगाय सहित वन्यप्राणी आ गए है।वन्यप्राणी अनेक बार विचरण करते हुए खेतों व गांव तक आ जाते है।लेकिन शुक्रवार को ग्राम मासुलखापा में धान काटकर लौट रही भारती पिता बालचंद सोनवाने 19 वर्ष पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ ने पहला हमला सिर पर किया लेकिन युवती ने किसी तरह से धान की बंधी में कूदकर अपनी जान बचाकर शोर मचाया। इसी बीच आसपास के लोगों के शोर मचाने पर बाघ वहां से जंगल की तरफ भाग गया। भारती ने बताया कि बाघ किस तरफ से आया था उसे कुछ मालूम नहीं है।

बाघ ने उसके सिर पर मारकर पीछे पंजे के नाखून गड़ा दिए।इससे वह असहनीय दर्द से कराह उठी। लेकिन मैंने अपने को बचाने के लिए प्रयास नहीं छोड़ा।इसके कुछ देर बाद शोर सुनकर कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।ग्रामीणों को आता देखकर उसकी हिम्मत और बढ़ गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटंगी में भर्ती कराया गया है। जहां प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया था। यहां सुधार होने पर छु्ट्टी करवा दी गई।शनिवार को बाघ के हमले से घायल भारती सोनवाने को जिला पंचायत सदस्य प्रियंका परते, समाजसेवी प्रशांत मेश्राम, कांग्रेस अध्यक्ष संजय चौकसे, युवा कांग्रेस जिला महासचिव प्रशांत हुमनेकर सहित अन्य लोगों ने पहुंचकर फल फ्रूट समेत नकद राशि देकर मदद की गई।

धान कटाई करने कोई नहीं गया खेत

किसान सुरेश शरणागत ने बताया कि शनिवार को धान की कटाई कार्य करने खेत की तरफ कोई नहीं गए।बड़पानी बीट में बाघ का मूवमेंट होने से खेतों में बैलजोड़ी को लेकर नहीं जा रहे है।धान की कटाई करने के बाद धान के बोझे ढोहने से लेकर मिसाई कार्य करने में बैलजोड़ी का अहम योगदान रहता है। इससे बाघ द्वारा शिकार कर लिया गया तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके चलते किसानों में डर बना हुआ है।इसके अलावा समीपस्थ ग्राम कोड़बी, बड़पानी, दिग्धा, महकेपार बाघ की दहशत बनी हुई है।उन्होंने बताया कि बाघ के लगातार हमले जानवरों पर होते आए है।लेकिन इस बार खेत में काम कर रही युवती पर हमला कर दिया है।इस बात से गांव में दहशत का माहौल है।खेत में काम करने नहीं गए। वन विभाग द्वारा बाघ को सुदुर जंगल में भगाने का प्रयास करना चाहिए नहीं तो भविष्य में कोई भी अनहोनी हो सकती है।

इनका कहना

बाघ के हमले से घायल भारती से मिलने उनके घर गए थे।खेत से लगे क्षेत्र में वन्यप्राणी आ रहे है तो वन विभाग को इस दिशा में ध्यान देेकर जंगल की ओर खदेड़ना चाहिए।हालांकि वन विभाग ने ग्राम मासुलखापा में मुनादी करवा दी है।घायल युवती की हालत अभी ठीक है।

प्रशांत मेश्राम, समाजसेवी कटंगी।

इनका कहना

मासुलखापा में एक युवती पर बाघ ने हमला किया था।जंगल से विचरण करते हुए वन्यप्राणी खेतों तक आ जाते है।वन क्षेत्र होने से किसानों को सतर्क होकर काम करने की सलाह दी गई है।इसके अलावा गांव में मुनादी भी कराई गई है।वन विभाग द्वारा सुधार होने तक इलाज किया जाएगा।

विवेक नाग, वन परिक्षेत्र अधिकारी कटंगी।

Posted By: Jitendra Richhariya

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