वारासिवनी (नईदुनिया न्यूज)। विश्व योग दिवस के अवसर पर मंगलवार को वार्ड नंबर चार श्री सिद्धि विनायक गणेश मंदिर परिसर में सामूहिक योग किया गया।कार्यक्रम पतंजलि योग परिवार से संबंध पतंजलि योग समिति,भारत स्वाभिमान न्यास,पतंजलि महिला योग समिति व पतंजलि किसान सेवा समिति और युवा भारत के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।योग भारत स्वाभिमान के जिला प्रमुख अर्जुन सनोड़िया के मुख्य आतिथ्य में हुआ।अध्यक्षता समाज सेवी छगन हनवत ने की।विशेष अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग संचालक श्रीरंग देवरस,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विवेक पटेल उपस्थित थे।इस अवसर पर भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पतंजलि योग पीठ का ध्वज फहराया गया।

पतंजलि महिला योग समिति की डा. जयश्री अरोरा ने करते हुए मानव जीवन में योग की महत्वपूर्ण भूमिका का वर्णन किया। उनकी ओर से सभी योग कला प्रदर्शन वाले प्रतियोगियों को मेडल्स प्रदान किए गए।योग शिक्षक भेजेंद्र चौधरी ने योगार्थियों व नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के लिए योग वर्तमान समय की सबसे बड़ी व बहुमूल्य विरासत है।

बच्चों को टी शर्ट व प्रमाण पत्र दिए

समाज सेविका रीना संजय कासल, पतंजलि महिला प्रमुख ऋतु अग्रवाल द्वारा सफेद टी शर्ट प्रतियोगी बच्चों को वितरित किए गए।इस अवसर पर सभी नियमित योग साधकों को आकर्षक प्रमाण पत्र का वितरण पतंजलि योग समिति राम मंदिर से जुड़े सेवानिवृत्त प्रबंधक प्रदीप खंडेलवाल के सौजन्य से किया गया।अंकुरित अनाज का स्वल्पाहार के लिए योगेश्वरी राहंगडाले का सहयोग रहा।उन्होंने मधुर आवाज में भगवान गणेश की तुलसीकृत वंदना गाइए गणपति गज वंदन का पाठ किया।

गीतों पर 40 बच्चों ने किया योग का प्रदर्शन

आकर्षक योग कला का प्रदर्शन अनिता टेंभरे,विजय पटले,साकेत पटले की टोली ने किया।जिन्हें समिति द्वारा सम्मानित किया गया।तनु काटेकर,जितेंद्र काटेकर,दिव्या परिमल के मार्गदर्शन में करीब 40 बच्चों ने आकर्षक योग कला दिखाई और संगीतबद्ध गीतों पर योग किया।एनसीसी के आफीसर शलभ सिंह बैस,हेमंत मंडाले के मार्गदर्शन में कैडेट्स भी योग प्रदर्शन में शामिल हुए।दीपिका उइके शिक्षिका विश्व योग दिवस के मोनो को रंगोली से अत्यधिक सुंदर रूप में सुसज्जित किया गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा।संगीतकार जिज्ञासी, संस्कार भारती संस्था के संगीत विधा प्रमुख समीर खारपाटे की संगीतमयी प्रस्तुति से विशुध्द शास्त्रीय मनोरंजन होता रहा।

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