बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण के चलते प्रभावित हुई रेल सेवा शुरू तो हो चुकी है, लेकिन विद्यार्थियों को मिलने वाली पास की सुविधा का लाभ उन्हें मिल नहीं पा रहा था जिसके चलते उन्हें शिक्षा प्राप्त करने के लिए कटंगी से अधिक किराया वहन कर बालाघाट पहुंचना पड़ रहा था। जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था लेकिन अब विद्यार्थियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा कारण रेलवे प्रबंधन ने पास बनाने की प्रक्रिया को फिर से शुरू कर दिया है।

जिले के इन स्थानों से ट्रेन का सफर कर पहुंचते है विद्यार्थीः बालाघाट मुख्यालय में संचालित अग्रणी महाविद्यालय पीजी कालेज, कन्या महाविद्यालय के अलावा शासकीय आईटीआई व प्रायवेट महाविद्यालय संचालित है। जिनमें नियमित रुप से शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थी हट्टा, लामता, समनापुर, वारासिवनी, कटंगी समेत अन्य स्थानों से ट्रेन का सफर कर पहुंचते है जिसका पास न होने के कारण उन्हें अधिक किराया देना पड़ता है जो उनकी आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है।

रोजाना लगता है 60 रुपये का किरायाः कटंगी से पीजी कालेज रोजाना पहुंचने वाले फायनल ईयर के विद्यार्थी अमित कोले ने बताया कि ट्रेन में 30 रुपये आने के और 30 रुपये जाने इस तरह रोजाना 60 रुपये लगते है जो कि माह भर में 1800 सौ रुपये से दो हजार रुपये होते है। छात्र ने बताया कि इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी प्रकार छात्र राकेश कावरे ने बताया कि पहले जब पास बना हुआ था तब बहुत ही कम राशि में आना-जाना कर लेते थे और उन्हें सहूलियत हो जाती थी।

अब लगेंगे सिर्फ 185 रुपये प्रतिमाहः छात्रों ने बताया कि रेलवे प्रबंधन से जानकारी लेने पर पता चला है कि अब पास बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कटंगी से बालाघाट के बीच आवागमन करने के लिए पास बनने के बाद सिर्फ 185 रुपये प्रतिमाह लगेंगे। जिससे उनकी आर्थिक समस्या काफी हद तक दूर होगी। छात्रों ने बताया कि पास बनने लगे इस बात की जानकारी काफी छात्र-छात्राओं को नहीं है इसलिए रेलवे प्रबंधन को चाहिए कि इसका अधिक से प्रचार करें जिससे की समस्त छात्र-छात्राएं इस योजना का लाभ ले सकें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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