बालाघाट, नईदुनिया प्रतिनिधि। कलेक्टर डा. गिरीश कुमार मिश्रा ने लालबर्रा तहसीलदार के रीडर प्रेमेंद्र हरिनखेड़े को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई जबलपुर के दल द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने एवं गिरफ्तार किए जाने पर उसे सोमवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।ईओडब्ल्यू जबलपुर की टीम ने रविवार की देर शाम लालबर्रा तहसीलदार के रीडर प्रेमेंद्र हरिनखेड़े को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार प्रेमेंद्र हरिनखेड़े को उनके निवास पर बाटनिकल कालोनी गर्रा तहसील लालबर्रा के आदेवक अरूण जेठवा से 35 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया है।अरुण जेेठवा की फैक्ट्री औद्योगिक नगरी गर्रा में स्थित है।इस फैक्ट्री के खसरे से उसके भागीदारों, जो अब अलग हो चुके है।उनके नाम हटाने के लिए अरुण जेठवा द्वारा तहसील कार्यालय में आवेदन दिया गया था। इस मामले में रीडर द्वारा आवेदक से पचास हजार रुपये के रिश्वत की मांग की थी, जो कि चालीस हजार रुपए में तय हुआ था।तय राशि में से रीडर द्वारा पांच हजार रुपये की राशि 15 जून को ले ली गई है। शेष राशि बाद में देना तय हुआ था।इसी दौरान आवेदक द्वारा इस मामले की शिकायत इओडब्ल्यू में कर दी गई। नियत समय अनुसार 19 जून को रिश्वत की शेष राशि पैंतीस हजार रुपये देना तय हुआ था।

निलंबन अवधि में रीडर का मुख्यालय रहेगा वारासिवनी

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई जबलपुर के दल द्वारा 19 जून 2022 को तहसीलदार के रीडर प्रेमेंद्र हरिनखेड़े को उनके निवास पर बाटनिकल कालोनी गर्रा तहसील लालबर्रा के आदेवक अरूण जेठवा से 35 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार किया है।सोमवार को कलेक्टर डा. कुमार मिश्रा ने निलंबन की कार्रवाई की गई और आरोपित को निलंबन अवधि में उसका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी निर्धारित किया गया है।

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