बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बालाघाट जिले में बिरसा तहसील अंतर्गत दमोह से धोपघट मार्ग अत्यधिक जर्जर हालत में पहुंच गया है। यह मार्ग सीधे छत्तीसगढ़ राज्य को जोड़ता है। सड़क पर रोजाना राहगीर दुर्घटना का शिकार हो रहे थे। तीन माह के भीतर 40 से अधिक सड़क दुर्घटना हो गई थी। सड़क की मरम्मत करवाने के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों से मांग की गई। जब इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया तो वन विभाग के वनरक्षक भरतलाल नेवारे ने दुर्घटना रोकने के लिए खुद ट्रैक्टर और जेसीबी बुलाकर अपने वेतन से राज्य मार्ग में गड्ढे भरवाने का कार्य शुरू किया। मरम्मत का कार्य एक दिन में पूरा करवा दिया गया। अब इस मार्ग से आवाजाही में लोगों को सहूलियत हो रही है।

वनरक्षक भरतलाल नेवारे बताते है कि जहां पर अधिकतर गड्ढे थे उसी क्षेत्र में उसकी पूरी बीट आती है। ड्यूटी करने के दौरान कई बाइक चालक गड्ढों में गिरकर घायल हो रहे थे। इस बीच जरूरत पड़ने पर घायल लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद भी की है। तब से मन में ठान लिया कि सरकार को सड़क बनाने समय लगेगा। इसके लिए गड्ढों को भरने का खुद ने जिम्मा उठाया। बालाघाट से छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला राज्य 26 राज्य सात साल पूर्व बना था, लेकिन यह मार्ग कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गया है और रोजाना दुर्घटना हो रही थी। इस मार्ग पर दमोह बिरसा से लेकर धोपघट गांव के बीच तीन माह के भीतर 40 अधिक लोग घायल हो चुके है। मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटना को देख उनसे रहा नहीं गया और शनिवार को खुद अपनी वेतन के पैसे खर्च कर छह ट्रैक्टरों से मुरम और एक जेसीबी बुलवाई। 11 मजदूरों के साथ स्वयं ने काम कर सड़क पर गड्ढे भरवाने का काम पूरा किया गया।

यह है खास

- दमोह बिरसा से धोपघट तक सड़क में थे बड़े-बड़े गड्ढे।

- एक दिन में सड़क के गड्ढे को भरने करवाया काम।

- दो किमी में लगा 40 ट्राली ट्रैक्टर मुरम।

- 11 मजदूरों के साथ सड़क पर वनरक्षक ने भी किया काम।

- वेतन से 22 हजार किए खर्च।

- तीन माह में 40 से अधिक सड़क दुर्घटना।

- आधा दर्जन लोगों की अस्पताल पहुंचाने कर चुके है मदद।

इनका कहना

वनरक्षक भरतलाल नेवारे जंगल में वनों की सुरक्षा बेहतर तरीके से करते है। साथ ही इनका सड़क की मरम्मत में भी सराहनीय योगदान है। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा था जिसकी मरम्मत इन्होंने करवाई है।

सुखदेव मेरावी

खुरर्सीपार पंचायत।

वनरक्षक भरतलाल नेवारे जंगल की जैसे देखभाल करते है। ठीक वैसे ही अन्य गतिविधियों में उनका योगदान रहता है।

तपस ताम्रकार

रेंजर वन परिक्षेत्र बिरसा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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