बालाघाट, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्यप्रदेश शासन के आद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव ने जिले की वारासिवनी तहसील के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र खापा में बन रहे प्रदेश के पहले एथेनाल प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान औद्योगिक मंत्री ने कहा कि यह एथेनाल प्लांट अपने निर्माण के अंतिम चरण में है। माह जनवरी 2023 से इससे एथेनाल का उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। खापा का यह एथेनाल प्लांट विसाग बायो फ्यूल्स तटपेंह इपवनिमसद्ध बालाघाट द्वारा लगाया जा रहा है। बालाघाट जिले के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।

165 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण:

मंत्री द्वय 28 सितंबर की रात्र 10.45 पर जिले के खापा में 165 करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे। 130 केएल क्षमता के ग्रेन बेस एथेनाल प्लांट का निरीक्षण करने पहुंचे थे। मंत्री राज्यवर्धन दत्तीगांव ने एथेनाल प्लांट के निरीक्षण के दौरान इकाई के डायरेक्टर से कहा कि इस प्लांट का शेष कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसमें एथेनाल का उत्पादन प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि इस प्लांट में स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक संख्या में रोजगार प्रदान करें। प्लांट के लिए सड़क, पानी, बिजली आदि की बुनियादी सुविधाएं प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

स्थानीय लोगों को दिया जाएगा रोजगार:

निरीक्षण के दौरान विसाग बायो फ्यूल्स के डायरेक्टर अतुल वैद्य व अर्पित वैद्य चर्चा ने मंत्री द्वय को बताया कि इस प्लांट में प्राथमिकता से स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना से 350 लोगो को प्रत्यक्ष तथा 800 से अधिक लोगो को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। 28 एकड़ क्षेत्र में बनाए जा रहे इस एथेनाल प्लांट से प्रतिदिन 130 किलो लीटर एथेनाल का उत्पादन किया जाएगा। एथेनाल निर्माण के लिए इस प्लांट में कच्चे माल के रूप में राइस मिलों से निकलने वाले रिजेक्टेड व ब्रोकन चावल का उपयोग किया जाएगा।

बायोमास से तैयारी का होगा उपयोग:

खापा में बने रहे इस एथेनाल प्लांट को संचालित करने के लिए राइस मिलों से निकलने वाली धान की भूसी व बायोमास से तैयार बिजली का उपयोग किया जाएगा। धान की भूसी व बायोमास से बिजली तैयार करने के लिए यहां पर पृथक से एक यूनिट लगाई जा रही है। इस यूनिट से 2.5 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इस प्लांट से शून्य कार्बन उत्सर्जन होगा। बालाघाट जिला प्रदेश का सर्वाधिक धान उत्पादक जिला है और यहां पर बड़ी संख्या में राइस मिल भी है। एथेनाल प्लांट व बायोमास से बिजली तैयार करने का प्लांट प्रारंभ होने से धान उत्पादक किसानों को भी लाभ होगा। वर्तमान में प्रदेश में दो स्थानों पर एथेनाल प्लांट बनाए जा रहे है। उनमे से एक बालाघाट जिले के खापा में और दूसरा इंदौर जिले में है। खापा का एथेनाल प्लांट मध्यप्रदेश का पहला प्लांट होगा जो जनवरी 2023 में एथेनाल का उत्पादन प्रारंभ कर देगा। इसके अलावा बालाघाट जिले के ग्राम बकेरा में खापा के संयंत्र से दोगुना क्षमता का एथेनाल प्लांट आने की संभावना है। एथेनाल का उपयोग का इधन के रूप में किया जाएगा और इसे पेट्रोल में मिलाया जाएगा। खापा के संयंत्र में तैयार एथेनाल भारत सरकार की तेल कंपनियों द्वारा क्रय किया जाएगा।

Posted By: Jitendra Richhariya

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