बालाघाट (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले भर में आज 14 जून को वट सावित्री व्रत धार्मिक माहौल में पूजा-अर्चना कर मनाया गया। इस अवसर पर निर्जला व्रत रख महिलाओं ने जगह-जगह वट के पेड़ के नीचे पहुंचकर विधि-विधान से पूजन सामग्री रख फेरा लगाकर पति की लंबी आयु की कामना की है और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की है। पूजा-अर्चना के बाद पति की आरती उतारकर उनके हाथों से पानी पिया है।

दीन दयालपुरम कालोनी में वट पेड़ के नीचे पूजा कर रही व्रतधारी महिला सौभाग्यवती मंदा नखाते, अंजली चौहान समेत अन्य ने बताया कि व्रत सावित्री का त्योहार सौभाग्यवती महिलाओं ने बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है इस त्योहार पर विधि-विधान व नियम से पूजा-अर्चना करने पर सौभाग्य की प्राप्ती होती है। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार माता सवित्री के पति सत्यावान की जब असमय मृत्यु हुई तब वे वट पेड़ के नीचे गिरे पड़े थे और यहां से ही माता सावित्री ने यमराज का पीछा कर यमराज से अखंड सौभाग्य का फल मांगा था और इस तरह उन्होंने अपने पति को पुन जीवित किया था जिसके बाद से ही वट सावित्री व्रत पर पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने बताया कि यह व्रत दो तिथियों में मनाया जाता है इसके पूर्व अमावस्या के दिन मनाया गया था और आज पूर्णिमा के दिन मनाया गया है।

बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना कर महिलाओं ने मनाया वट सावित्री पूर्णिमा व्रत

लालबर्रा (नईदुनिया न्यूज)। लालबर्रा जनपद के बेहरई गांव में मंगलवार को महिलाओं के द्वारा बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना कर वट सावित्री पूर्णिमा व्रत आस्थापूर्वक मनाया गया।महिलाओं के द्वारा यह व्रत पति के लंबी आयु एवं सुखद वैवाहिक जीवन के लिए किया गया।व्रतधारी महिलाओं ने बताया कि इस दिन वट वृक्ष सावत्री और सत्यावान की पूजा अर्चना की जाती है।इस दिन शादीशुदा महिलाएं उपवास रहकर सजधज कर बरगद के वृक्ष की पूजा अर्चना करती हैं और अपने पति की लंबी आयु की कामना करती है।साथ ही वैवाहिक जीवन में सुख प्राप्ति का आशीर्वाद प्राप्त करती है।इस अवसर पर व्रतधारी महिलाएं मौजूद रही।

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