वारासिवनी, नईदुनिया न्यूज। पुलिस थाना वारासिवनी अंतर्गत वार्ड क्रमांक एक स्थित बौद्ध विहार में उस समय अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। जब दूसरी शादी कर रहे युवक की पहली पत्नी अचानक ही बौद्ध विहार में अपने बच्चे व स्वजनों के साथ आ पहुंची। युवक को दूसरी शादी करते हुए देख पहली पत्नी के स्वजनों का पारा सातवें आसमान में पहुंच गया और पहली पत्नी सहित अन्य ने पहले तो युवक की जमकर मारपीट की। इसके बाद युवक को पुलिस को सौंप दिया गया।

बताया कि 26 नवंबर 2020 को किरनापुर बेलगांव निवासी सुनील भोतेकर के साथ सामाजिक रीति रिवाज के तहत उसका विवाह बालाघाट कोसमी स्थित उनके घर पर हुआ था।शादी के बाद से लगातार उसके पति सहित ससुराल पक्ष के लोग दो लाख रूपये दहेज की मांग करते थे और मारपीट करते थे। उसके बाद मेरे द्वारा इसकी आवाज उठाई गई और पति सुनील भोतेकर के विरूद्ध पुलिस ने शिकायत की गई। पुलिस ने सुनील के विरूद्ध दहेज प्रताडा और घरेलू हिंसा का प्रकरण दर्ज किया है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

कचेखनी की नीतू से कर रहा था दूसरा विवाह

बताया गया है कि सुनील भौतेकर द्वारा वारासिवनी बौद्ध विहार में पहुंच कर खैरलांजी क्षेत्र अंतर्गत कचेखनी निवासी नीतू पिता मधुकर गड़पाले से दूसरा विवाह किया जा रहा है।इसके बाद मै और मेरे परिजन वारासिवनी पहुंचे।जहां इन्हें दूसरी शादी करते हुए पकड़ा गया और पुलिस को जानकारी दी गई है।

इनका कहना

दूसरा विवाह करवा रहे कैलाश मेश्राम की माने तो सामाजिक रीति रिवाजों के तहत उनके द्वारा जिले के बौद्ध विहारों में विवाह संपन्ना कराए जाते हैं।ग्राम वारा से एक व्यक्ति का फोन आया की 16 अक्टूबर को एक गंधर्व विवाह करना है।इसके बाद मैने उन्हें वारासिवनी बुलाया और विवाह कार्य संपन्ना करा रहा था। इसी बीच युवक की पहली पत्नी आ गई। जिन्होंने पूरा मामला बताया।- सुनील भौतेकर,

कैलाश की माने तो उन्हें यह जानकारी नहीं थी की युवक का तलाक नहीं हुआ था और उनकी एक पुत्री भी है। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता रूपा भौतेकर की शिकायत पर पति सुनील के विरूद्ध अपराध दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।पीड़ित रूपा भौतेकर ने शिकायत के साथ विवाह के दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे है।

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फर्जी जिला पंचायत के अधिकारी को पुलिस ने भेजा जेल

लालबर्रा। जिले में फर्जी मामले बढ़ते ही जा रहे है।जहां एक फर्जी तरीके से जिला पंचायत के अधिकारी बताकर महिला से उनके पति के मौत मामले में श्रमिक कार्ड से राशि दिलाने के नाम पर 30 हजार की मांग करने वालों को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस के हवाले किया है। मामले में एक आरोपित को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।जानकारी के अनुसार जिला पंचायत बालाघाट कर्मचारी बताकर फर्जी तरीके से श्रमिक कार्ड की राशि दिलवाने के लिए कमीशन की मांग करने वाला फर्जी कर्मचारी ग्रामीणों की सूझबूझ से जेल चला गया।बताया गया है कि ग्राम अमोली निवासी रूषमा मानेसर के घर 13 अक्टूबर को चार लोग आए। उन्होंने कहा कि तुम्हारे पति की मृत्यु के बाद श्रमिक कार्ड के माध्यम से मिलने वाली राशि दो लाख रुपये आपके खाते में डलवा दिए गए है।जिसका कमीशन 30 हजार रूपये हमें बैंक से निकाल कर दे दो।उसके बाद हितग्राही रूषमा द्वारा रुपये नहीं देने पर दूसरे दिन दोपहर लगभग एक बजे आलोक हिरकने अपने साथियों रोहित गणवीर, अंशुल हिरकने, राहुल हिरकने के साथ रुपयों की मांग करने लगाए।फर्जी कर्मचारी का शक होते देख उसे ग्रामीणों द्वारा पकड़ कर रखा गया।इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

इनका कहना

जनपद पंचायत बालाघाट का कर्मचारी बताकर लोगों को श्रमिक कार्ड के तहत लाभ दिलवाने के नाम पर राशि मांगने के आरोप में सेलवा कटंगी निवासी आलोक हिरकने को गिरफ्तार गया है। वह बालाघाट जनपद का कर्मचारी नहीं है।आलोक के विरुद्ध विभिन्ना धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सिविल न्यायालय वारासिवनी में पेश कर जेल भेज दिया गया है।- अमित भावसार, थाना प्रभारी, पुलिस थाना लालबर्रा

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Posted By: Nai Dunia News Network

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