सेंधवा(नईदुनिया न्यूज)।

पिछले दिनों महाराष्ट्र के शिरपुर में बस परिचालक से हुई मारपीट के बाद उसकी मौत मामले में मंगलवार को प्राइवेट बस कल्याण आनर्स कल्याण समिति ने एसडीएम कार्यालय में सीएम के नाम ज्ञापन देकर मांग की कि सेंधवा क्षेत्र से अवैध यात्री वाहन बंद कर एजेंटों को हटाया जाए। अवैध यात्री वाहनों के संचालकों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्रवाई की जाए। मृतक बस परिचालक के स्वजनों को आर्थिक सहायता के रूप में एक करोड़ रुपये और एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए। वहीं परिचालक से मारपीट करने वाले बदमाशों को पुलिस हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई करते हुए मृतक परिचालक को न्याय दिलाया जाए। बता दे कि 24 नवंबर को यात्री बस के परिचालक योगेंद्रसिंह सिसौदिया निवासी बड़वानी के साथ महाराष्ट्र के शिरपुर में जीप चालकों ने मारपीट की थी। जिसके बाद सेंधवा आने पर उनकी मौत हो गई थी। शहर पुलिस ने जीरों में मर्ग कायम कर प्रकरण शिरपुर पुलिस को भेजा है। मामला विवेचना में है। इसी बीच साथी परिचालक के साथ हुई घटना से आक्रोशित साथियों ने मंगलवार को सीएम के नाम ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि अवैध संचालन की जानकारी जिम्मेदारों को देने के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं की गई। जिसके कारण अवैध वाहन संचालकों द्वारा परिचालक योगेंद्र सिंह सिसोदिया से मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व में सेंधवा बालसमुद चेकपोस्ट बैरियर के पास यात्री बस में बैठी 26 सवारियों को अवैध संचालकों ने बस में बंद कर जलाकर मार डाला था। अतः सेंधवा और महाराष्ट्र के शिरपुर जिला धुलिया के बीच में अवैध जीप वाहनों और अवैध यात्री बसों के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने के दौरान प्राइवेट बस कल्याण आनर्स कल्याण समिति अध्यक्ष महेश बर्मन, सचिव संजय पुरोहित, उपाध्यक्ष मोहन सांवरिया, महादेव पाटिदार, दीपक महाजन व अन्य मौजूद रहे।

भविष्य में गुंडागर्दी से निजात मिले

सेंधवा बायपास स्थित चाचरिया फाटे पर एजेंटों द्वारा अवैध बस स्टैंड बनाकर सभी प्रकार की गाड़ियों को अवैध रूप से सवारियां भर रहे है। इन एजेंटों को वहां से हटाया जाकर अवैध जीप वाहन संचालन समाप्त किया जाए। बस स्टैंड से एजेंटों को हटाकर कार्रवाई कर पुलिस व्ययवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में गुंडागर्दी से निजात मिल पाए। साथ ही उन सभी जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए और उनको भी इस हत्या के मामले में मुल्जिम बनाया जाए, जिनके द्वारा समय पर जानकारी प्राप्त होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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