बड़वानी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मप्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ ने अपनी मांगों को लेकर बुधवार को प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक विनोद कहार, गंगा गोयल और पंकज मलतारे ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शासन की विभिन्ना योजनाओं का शासकीय कर्मचारियों की तरह क्रियान्वित करती हैं। जबकि शासकीय, अर्धसरकारी या गैर सरकारी कर्मचारियों को काम का इतना बोझ नहीं दिया जाता है। कोविड काल में भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना से लड़ने के लए प्रथम लाइन में खड़े सरकारी और अर्धसरकारी कर्मचारियों से कंधे से कंधा मिलाकर अपनी जान की परवाह किए बगैर कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रही है।

ज्ञापन के जरिये संघ ने मांग की है कि आंगनबाड़ी में कार्यरत बहनों को सरकारी कर्मचारी घोषित कर सामाजिक सुरक्षा दी जाए। उहें उचित श्रेणी में शामिल किया जाए। आंगनबाड़ी में कार्यरत कर्मचारी को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 18 हजार और सहायिका को नौ हजार प्रतिमाह भुगतान किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल में बदलने पर उसमें कार्यरत कार्यकर्ता को प्री-प्राइमरी टीचर और सहायिका को प्री-प्राइमरी असिस्टेंट टीचर में शिक्षण के अनुभाव पर उनकी शैक्षणिक योग्यता अनुसार प्रशिक्षण देकर पदोन्नात किया जाए। आंगनबाड़ी में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए भविष्यनिधि, जीवन निर्वाह भत्ता, सेवानिवृत्ति भत्ता अनेक उनके व उन पर आश्रितों को चिकित्सा सुविधा, उनके बच्चों के लिए शिक्षा की सुविधा लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिका मौजूद थीं।

अनुपस्थित रहने पर सचिव को किया निलंबित

खरगोन। जिला पंचायत सीईओ दिव्यांक सिंह ने के ग्राम पंचायत गढ़ी के सचिव फकरिया अवासे को निलंबित किया है। फकरिया गढ़ी ग्राम पंचायत में पिछले छह माह से अनुपस्थित रहे हैं। अवासे द्वारा ग्राम पंचायत गढ़ी में अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन नहीं किया जा रहा है और बिना सूचना के छह माह से कर्त्तव्यों के दौरान पंचायत में अनुपस्थित रहे हैं। अवासे को अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन न करने पर इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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