मरीजों की परेशानी बढ़ी : दिल्ली की कंपनी संचालित कर रही डायलिसिस मशीनें

- सप्ताह में दो दिन होना चाहिए डायलिसिस, 10 दिन में भी नंबर नहीं लग रहा

बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि

महज एक स्वीच खराब होने से जिला अस्पताल में डायलिसिस मशीन गत 25 दिनों से बंद पड़ी है। मशीन बंद चालू करने का स्वीच खराब होने से काम नहीं कर रही है। मशीन का स्वीच सुधारने के लिए दिल्ली से आने वाले कर्मचारी का इंतजार कि या जा रहा है। अव्यवस्था के चलते जहां मरीजों की सप्ताह में दो दिन डायलिसिस होती थी, वहां अब 10 दिन में भी नंबर नहीं लग राह है। गुरुवार को स्थिति यह बन गई की डायलिसिस के लिए आए मरीजों में एमरजेंसी में एक मरीज आईसीयू में भर्ती करना पड़ा तो दूसरे की हालत ज्यादा खराब होने पर परिजन इंदौर लेकर गए।

बता दें कि रविवार अवकाश के दिन को छोड़कर प्रतिदिन सुबह आठ से शाम छह बजे तक मरीजों का डायलिसिस होता है। इसका लाभ लेने के लिए जिले सहित धार, आलीराजपुर व खरगोन जिले से भी मरीज आ रहे हैं। 27 फरवरी 2016 से संचालित सेंटर में अब तक पांच हजार 327 डायलिसिस हुई है। एक मरीज की सप्ताह में दो बार डायलिसिस करना होता है।

दो मशीनें हैं, एक हो गई खराब

सेंटर पर दो डायलिसिस मशीनें हैं। इनमें से एक मशीन गत 19 अक्टूबर से बंद पड़ी है। मशीनों का संचालन दिल्ली की डीसीडीसी कंपनी कर रही है। टेक्निशियन के मुताबिक ने स्वीच खराब होने से मशीन बंद हो गई है। इसे लेकर उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है। कंपनी के रिजनल मैनेजर से भी फोन पर कई बार संपर्क कि या, लेकि न फोन रिसिव नहीं कि या।

25 मरीजों की वेटिंग चल रही है

सेंटर पर दोनों मशीनें चालू होने पर पहले रोज चार मरीजों की डायलिसिस होती थी, लेकि न अब दो की ही हो रही है। महीने में करीब 108 डायलिसिस हो रही थी। अभी तक 148 मरीजों को इसका लाभ मिला है। सेंटर की इनचार्ज गीता शर्मा ने बताया कि मशीन बंद होने के संबंध में अधिकारियों को जानकारी दे दी है। अभी 25 मरीजों की वेटिंग चल रही है।

डायलिसिस पर ही हम जिंदा है

जुलवानिया निवासी कृष्णकांत जायसवाल ने बताया कि तीन साल से डायलिसिस पर ही जिंदा है। सप्ताह में दो बार डायलिसिस होती है, लेकि न मशीन खराब होने से 10 दिन में भी नंबर नहीं आ रहा है। इससे चेहरे पर सूजन आ गई व पेट में पानी भर रहा है। जिम्मेदारों की मशीन का स्वीच तक नहीं सुधरवा पा रहे हैं। ग्राम बिलवानी से आए कि शोर पिता बुदा, दतवाड़ा निवासी सेवंती पिता सरदार, पलसूद निवासी सकु ंतला जायसवाल व मोहम्मद हासिफ ने भी आठ दिनों से डायलिसिस का नंबर नहीं आने की बात कही। मरीजों ने बताया कि उनकी हालत बहुत खराब हो रही है, लेकि न मशीन ठीक नहीं हो रही है। वहीं विक्रम पिता पेमा को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। सजवाय निवासी शांताबाई की हालत खराब होने पर परिजन को इंदौर लेकर जाना पड़ा।

तीन मशीनें और आ सकती हैं इस माह

डायलिसिस मशीन को जल्द ही सुधारने के लिए संयुक्त संचालक इंदौर व कंपनी को पत्र लिखा है। अस्पताल में इस महीने में तीन मशीनें आने की उम्मीद है। इसके बाद मरीजों की परेशानी दूर हो जाएगी।- डॉ. आरसी चोयल, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बड़वानी

14बीएआर-58बड़वानी जिला अस्पताल में एक मशीन बंद होने से एक ही मशीन पर हो रहा है डायलिसिस।

14बीएआर-59एक मशीन बंद होने से परेशान हो रहे हैं मरीज।

Posted By: Nai Dunia News Network