पंचकोसी : राजघाट मार्ग स्थित नर्मदा तट से जयघोष के साथ शुरू हुआ आस्था का कारवां

मैया की कृपा पोते की बीमारी

हुई ठीक, अब कर रही पदयात्रा

-सरदार सरोवर परियोजना के चलते अव्यवस्थाओं के बीच बैकवाटर किनारे करना पड़ा स्नान-पूजन

बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि

नर्मदा की पंचकोसी यात्रा रविवार को जिला मुख्यालय के राजघाट नर्मदा तट से शुरू हुई। पांच दिवसीय पंचकोसी यात्रा में सैकड़ों पदयात्रियों में बड़े-बूढ़े, महिलाएं, युवतियां, बच्चे भी पैदल यात्रा कर रहे हैं। अपनी मन्नात पूरी होने पर पैदल नर्मदा नदी की यात्रा करने वाले कई पदयात्री शामिल हैं। पंचकोसी यात्रा में राजपुर क्षेत्र के ग्राम बिलवानी से पांच वर्षीय विवेक मयाराम अपनी दादी सूरजबाई के साथ पैदल यात्रा कर रहा है। विवेक की दादी सूरजबाई ने बताया कि पोते को दो तरफ हार्निया था। डॉक्टर ने ऑपरेशन में जान को खतरा बताया था। नर्मदा मैया से पोते के ठीक होने की मन्नात मांगी। मां के आशीर्वाद से पोते का सरकारी अस्पताल में अच्छे से ऑपरेशन हुआ और आज वह मेरे साथ पैदल यात्रा कर रहा है।

राजघााट मार्ग पर नर्मदा के बैकवाटर तट से शुरू हुई पंचकोसी यात्रा में 'त्वदीय पाद पंकजम्‌ नमामि देवी नर्मदे, नर्मदे हर, बम भोले और ओम नमः शिवाय' के जयघोष के साथ सैकड़ों परिक्रमावासियों का कारवां शहर के विभिन्ना मार्गों से गुजरा। इस दौरान जगह-जगह संगठनों-भक्तों द्वारा पदयात्रियों को पेयजल-चाय व स्वल्पहार उपलब्ध करवाया। इससे पूर्व नर्मदा तट पर अव्यवस्थाओं के चलते यात्रियों को कीचड़ व गंदगी के बीच स्नान-पूजन करना पड़ा। नर्मदांचल पंचकोशी पदयात्रा समिति के तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय राजघाट-कोटेश्वर नर्मदा पंचकोशी पदयात्रा इस बार सरदार सरोवर बांध परियोजना के चलते राजघाट रोड बेकवॉटर कि नारे से प्रारंभ हुई। 12 दिसंबर को यात्रा का राजघाट पर ही संपन्ना होगी।

50 गांवों से गुजरेगी यात्रा

पहले दिन रविवार को पालिया बसाहट में रात्रि विश्राम के दौरान भजन-कीर्तन होंगे। पदयात्रा बड़वानी व धार जिले के 50 से अधिक तटीय गांवों में पहुंचेगी। इस दैरान करीब 75 कि मी आस्था का कारवां गुजरेगा। पदयात्रा में बड़वानी-धार सहित विभिन्ना क्षेत्रों के यात्री शामिल हुए। 9 दिसंबर की सुबह नर्मदा स्नान कर यात्री सौंदुल पुनर्वास मार्ग से भामटा होते हुए जांगरवा में प्रवेश करेंगे। यहां से नाव द्वारा नर्मदा पार कर धार जिले के मेघनाथ तीर्थ पर पहुंचेंगे। पिपरीपुरा दुर्गा मंदिर दर्शन कर चंदनखेड़ी होते हुए नवादपुरा कोणदा में स्वल्पाहार करेंगे। चंदनखेड़ी, हेलादड़ होते हुए भंवरिया में रात्रि विश्राम होगा।

12 को होगा समापन

10 दिसंबर को ध्वजा आरती कर धुलसर मार्ग से कटनेरा से प्राचीन सिद्धक्षेत्र व अम्बे मां के दर्शन कर गेबीनाथ मठ आश्रम पहुंचेंगे। जहां स्वामी महंत 108 रामदास त्यागीजी द्वारा स्वल्पाहार कराया जाएगा। यहां से निसरपुर बसाहट मार्ग से कड़माल सांई मंदिर में रात्रि विश्राम होगा। 11 दिसंबर को देहदला बसाहटपुरा मार्ग से नर्मदा नगर में प्रवेश करेंगे। सड़क मार्ग से सौडल बाबा मंदिर के दर्शन व चारभुजा मंदिर में अखंड रामधुन कल्पतरु आश्रम में स्वल्पाहार कर ग्राम मलवाड़ा में रात्रि में रुकें गे। अंतिम दिन 12 दिसंबर को नर्मदा पुल से यात्रा ग्राम कसरावद होते हुए मुख्य सड़क मार्ग से बड़ा भीलट मंदिर दर्शन कर राजघाट कि नारे पहुंचकर यात्रा का समापन होगा।

08बीएआर-73 पंचकोसी यात्रा में दादी सूरजबाई के साथ शामिल है पांच वर्षीय पोता विवेक।-नईदुनिया

Posted By: Nai Dunia News Network

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