बड़वानी। बड़वानी जिले में राजघाट के चारों ओर बैकवॉटर का पानी मरने से टापू बन गया है। शुक्रवार को कलेक्टर एसपी एडिशनल एसपी हालात का जायजा लेने राजघाट पहुंचे। पुनर्वास का लाभ नहीं मिलने से अभी भी राजघाट में कई परिवार रह रहे हैं। जिन्हें हटाने के लिए प्रशासन समझाइश देने पहुंचा लेकिन लोग नहीं माने। राजघाट में जाने के लिए नाव से पहुंचना पड़ रहा है। गौरतलब है कि नर्मदा नदी का राजघाट का जलस्तर शुक्रवार सुबह 6:00 बजे 131 मीटर था, जो घटकर दोपहर 2:00 बजे 103.200 मीटर हो गया है।

इधर खरगोन में अपरवेदा डेम के चार गेट खोले जाने के बाद वेदा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। खरगोन के झिरन्या क्षेत्र में लगातार दो दिनो से हो रही बारिश के बाद नदियों में आई बाढ़ से अपरवेदा परियोजना बांध का जलस्तर 316.10 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से बांध के चार गेट खोले गए औऱ पानी वेदा नदी में छोड़ा गया। उच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार बांध का अधिकतम जल स्तर 317 मीटर हैं।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से मध्यप्रदेश में आफत की बारिश बरस रही है। मूसलाधार बारिश के चलते मध्य प्रदेश के ज्यादातर जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर तो मुख्य नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

Posted By: Sandeep Chourey

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