बड़वानी। नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों सहित अन्य जगहों पर जो सूदखोर नियमों के विरुद्ध और बगैर लाइसेंस के अधिक ब्याज ले रहे हैं, अब वे सरकार से बच नहीं पाएंगे। ऐसी कोई भी शिकायत सही पाए जाने पर सूदखोर को सीधे जेल भेजा जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने कानून बना दिया है। ऋण मुक्ति अधिनियम 2020 के तहत इसमें कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यदि नियमों के विरुद्ध किसी जनजाति व्यक्ति की जमीन भी गिरवी रखी है तो उसे लौटानी होगी।

यह बात शुक्रवार को बड़वानी जिले के ग्राम उची में आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही। मुख्यमंत्री ने धर्मान्तरण व लव जिहाद के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा लाए जा रहे कानून की भी बात कही। जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़वानी जिले के लिए बहुप्रतीक्षित पाटी को उद्वहन परियोजना के स्वीकृत होने की भी घोषणा की। इससे अब पाटी के पहाड़ी क्षेत्र में नर्मदा जल पहुंच सकेगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय इस्पात मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रदेश की जनजाति विभाग मंत्री मीना सिंह, कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल, राज्यसभा सदस्य डॉ सुमेर सिंह सोलंकी, लोकसभा सदस्य गजेंद्र पटेल, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण परिषद के व्यवस्था प्रमुख प्रकाश काले, पूर्व कैबिनेट मंत्री अंतर सिंह आर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम सोनी, कलेक्टर शिवराज सिंह वर्मा आदि उपस्थित थे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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