बड़वानी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के सेंधवा विकासखंड के ग्राम चाचरिया में गुरुवार को आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने पेसा कानून जागरूकता सम्मेलन के मंच से अधिकारियों को तीखे तेवर दिखाए। वहीं स्थानीय नेताओं को भी नसीहत दी। उन्होंने मंच से ही सेंधवा जनपद की तत्कालीन सीईओ रीना चौहान को निलंबित कर दिया । वे अभी खंडवा जिले के पुनासा में पदस्थ हैं। वर्तमान सीईओ राजेन्द्र दीक्षित को जिला पंचायत इंदौर में अटैच किया है।

सीएम ने निलंबित करने की घोषणा करते हुए कहा कि लापरवाही पर किसी को भी छोड़ूंगा नहीं, चाहे वह अधिकारी हो या कोई भी। आप मुख्यमंत्री कार्यालय को सीधे शिकायत कर सकते हैं।

जनजातीय गौरव यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए, मैं इसका पक्षधर हूं। मध्य प्रदेश में इसके लिए विशेषज्ञ कमेटी भी गठित की जा रही है। एक से ज्यादा शादी कोई क्यों करे। एक देश में दो विधान क्यों चले, एक ही होना चाहिए। समान नागरिक संहिता में एक पत्नी रखने का अधिकार है, तो एक ही पत्नी होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कलेक्टर शिवराजसिंह वर्मा एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिल कुमार डामोर से सवाल-जवाब किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लापरवाही पर किसी को भी नहीं बख्शा जाए। वहीं पेसा एक्ट की जानकारी के दौरान पुलिस की भूमिका पर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला को भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे झगड़ों में पुलिस हस्तक्षेप नहीं करे। इसके लिए शांति विवाद निवारण समिति का गठन होगा जो समझाइश देकर मामले को सुलझाएगी। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि कई बार पुलिस के चक्कर में जेब खाली हो जाती है। किसी भी प्रकार के प्रकरण दर्ज होने की सूचना पुलिस ग्रामसभा को प्रदान करेगी।

नेताओं पर नाराजी जताकर कहा- माला छोड़ो और जनता की सेवा करो

मंच से भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा मालाओं से स्वागत करने पर मुख्यमंत्री सीधे उठकर माइक तक आए और नाराजी जताते हुए कहा कि माला से स्वागत तो कांग्रेस का काम है। हम तो सीधे जनता से बात करेंगे। इसलिए माला छोड़ो और जनता की सेवा करो।

दरअसल पेसा कानून जागरूकता सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री चौहान का मंच पर स्वागत किया जा रहा था। भाजपा के जिलाध्यक्ष ओम सोनी द्वारा पुष्पगुच्छ प्रदान किए जाने के बाद पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने साफा बांधा। वहीं पूर्व मंत्री अंतरसिंह आर्य ने जैकेट और तीर कमान भेंट किया तो स्वागत समारोह लंबा खिंच जाने और बड़ी माला से स्वागत को लेकर मुख्यमंत्री चौहान परेशान हो गए।

वे अचानक संबोधित करने पहुंचे और उन्होंने माइक लेते हुए कहा कि यह परंपरा बन गई है कि नेताजी का स्वागत बड़ी मालाओं के साथ किया जाए। हमें समय व्यर्थ नहीं करते हुए जनता से चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बड़ी माला के स्वागत से जनता को क्या मिलने वाला है। यह सब छोड़ना चाहिए। उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि दरअसल माला पहनाने और लंबे स्वागत की परंपरा कांग्रेस की है। हमें यह सब छोड़कर जनता की सेवा करना चाहिए। इस दौरान जिले के प्रभारी मंत्री हरदीप सिंह डंग, लोकसभा सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, राज्यसभा सदस्य डा सुमेरसिंह सोलंकी और भाजपा के अन्य नेता मौजूद थे।

मुख्यमंत्री को सभा में नागतीर्थ शिखरधाम की सड़क की 12 साल पुरानी घोषणा का स्मरण कराया

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को लोकसभा सांसद गजेंद्रसिंह पटेल ने सभा के दौरान मंच से अवगत कराया कि 29 अक्टूबर 2010 को नागलवाड़ी में वनवासी यात्रा के दौरान क्षेत्र के प्रसिद्ध नागतीर्थ के तीन किमी कच्चे मार्ग को पक्का करने की घोषणा की गई थी जो 12 वर्ष से पूर्ण नहीं हुई है। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण के दौरान इस पर कुछ भी जिक्र नहीं किया ।

सेंधवा में लाएंगे नर्मदा जल

मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि मुझसे नर्मदा जल लाने की मांग की गई है तो सेंधवा में नर्मदा जल लाएंगे। वह कैसे लाएंगे, यह अलग विषय है। उन्होंने ग्राम सभा में महिलाओं के अधिकारों और भागीदारी पर भी विस्तार से चर्चा की और कहा कि अब सरकार भोपाल से नहीं, गांव की चौपाल से चलेगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बड़े लोगों ने षड्यंत्र कर अंग्रेजी हम पर लाद दी ताकि गरीब व्यक्ति पीछे बने रहें। इसलिए पूरे भारत में पहली बार मध्यप्रदेश सरकार ने इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में भी कराने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि 4 दिसंबर को इंदौर में गौरव यात्रा के समापन अवसर पर विराट आयोजन होगा।

चौहान ने अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत किए जाने की शिकायत पर बड़वानी जिले के सेंधवा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में गांव से विभिन्ना प्रदेशों में जाने वाले तथा बाहर से गांव में आने वाले लोगों का रिकार्ड भी रखा जाएगा।

तीन हजार से अधिक अतिथि शिक्षक मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का करते रहे इंतजार

आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ मप्र के बैनर तले धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, हरदा सहित कई जिलों के अतिथि शिक्षक सभा स्थल पर पहुंचे। यहां पर सुबह 9 बजे से खड़े होकर मुख्यमंत्री का इंजतार करते रहे कि वो आएंगे और उन्हें ज्ञापन सौंपकर 15 साल पुरानी नियमितीकरण की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर परेशानियों को बताएंगे। सभा समाप्ति के बाद भी सीएम उनके नजदीक नहीं आए। इस पर उन्होंने नारेबाजी कर रोष जताया।

Posted By: Prashant Pandey

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