बड़वानी। पीजी कालेज के स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने हिंदी पखवाड़़े के अंतर्गत महान कहानीकार चंद्रधर शर्मा गुलेरी की विश्व प्रसिद्ध कहानी उसने कहा था कि आनलाइन और आफलाइन चर्चा की। पुस्तकालय विशेषज्ञ कार्यकर्ता प्रीति गुलवानिया ने कहा कि युवाओं को उच्च कोटि के साहित्य से जोड़कर उनके बौद्धिक विकास को नया आयाम दिया जा सकता है। सात जुलाई 1883 को जन्मे गुलेरी केवल 39 वर्ष ही जी पाए लेकिन 12 सितंबर 1922 को दिवंगत होने के पूर्व 'उसने कहा था' जैसी रचनाओं का सृजन करके अमर हो गए। हिन्दी साहित्य में एमए. डा. मधुसूदन चौबे ने कहा कि यह हृदयस्पर्षी कहानी है। उन्होंने कहानी सुनाई और बताया कि 'उसने कहा था' कहानी के तीन भाग हैं।

नई शिक्षा नीति पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी

बड़वानी। पीजी कालेज में प्राचार्य डा. एनएल गुप्ता की अध्यक्षता और अकादमिक समिति की नोडल अधिकारी डा. कान्ता अलावा की उपस्थिति में कला व वाणिज्य संकाय के प्राध्यापकों और अतिथि व्याख्याताओं को स्नातक स्तर प्रथम वर्ष में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को संचालित करने के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रो. आदित्य शुक्ला द्वारा मुख्य व गौण विषय का निर्धारण विद्यार्थी आनलाइन पोर्टल पर करने संबंधी जानकारी दी गई। डा. मधुसूदन चौबे ने महाविद्यालय स्तर पर चलाए जाने वाले वैकल्पिक व व्यावसायिक विषयों की विस्तृत जानकारी दी। संयोजक डा. आशा साखी द्वारा सीसीई पैटर्न व मूल्यांकन पद्धति के विषय पर चर्चा की। इस अवसर पर समस्त कला व वाणिज्य संकाय का स्टाफ उपस्थित रहा। अध्यक्षीय उद्बोधन प्राचार्य डा. एनएल गुप्ता द्वारा दिया गया। नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम के व्यवस्थित संचालन के लिए प्राध्यापकों को निर्देशित किया। कार्यशाला का संचालन डा. केएस बघेल द्वारा किया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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