सेंधवा। शहर में स्वच्छता की दिशा में वैसे तो बेहतर प्रयास हो रहे है, जिसका नतीजा रहा कि गत वर्ष हमारा शहर एक लाख तक की आबादी वाले शहरों में प्रदेश में नंबर वन आया। लेकिन वर्तमान में सफाई अभियान को लेकर की जा रही ढिलाई कहीं शहर की स्वच्छता रैंक को इस वर्ष नीचे ना कर दे। हम बात कर रहे है स्वच्छता अभियान के महत्वपूर्ण अंग ट्रेंचिंग ग्राउंड की। करीब डेढ़ साल पूर्व नगरपालिका को जिला प्रशासन से ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन का आवंटन किया गया था। इसके बाद अन्य औपचारिकता के बाद जमीन नपा के अधिपत्य में दी गई, लेकिन आज तक ट्रेंचिंग ग्राउंड को विकसित करने की डीपीआर नहीं बन सकी है। बता दे कि ट्रेंचिंग ग्राउंड को विकसित करने के बाद ही नपा पूरी तरह कचरे का निपटान कर सकेगी। ट्रेंचिग ग्राउंड पर मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफसी) और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के बाद ही सूखे और गीले कचरे का निपटान सुचारू रूप से हो सकेगा। वहीं सैप्टिक टैंक से निकलने वाले मल का ट्रीटमेंट हो सकेगा। नपा ने ट्रेंचिंग ग्राउंड की जमीन मिलने के बाद इसे विकसित करने के लिए प्रस्ताव बनाए थे, लेकिन उन पर अमल शुरू नहीं हो पाया है। वहीं ट्रेंचिंग ग्राउंड विकसित होने के बाद ही नगरपालिका शहर को प्लास्टिक कचरे के प्रदूषण से मुक्त बनाने के लिए कारगार कदम उठा सकेगी। वर्तमान में नगरपालिका द्वारा ग्राम नक्टीरानी में वैकल्पिक तौर पर कचरे का निपटान किया जा रहा है।

प्रदेश में पहला व देश में 16वां स्थान मिला

बता दें कि स्वचछता सर्वेक्षण 2020 में 50 हजार से एक लाख तक की आबादी वाले शहरों में सेंधवा ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वहीं देश में वेस्ट झोन में 16वां स्थान प्राप्त किया है। शहर ने कुल छह हजार अंक में से 3948.98 अंक प्राप्त कर यह सफलता प्राप्त की है लेकिन अब नगरपालिका को सबसे बड़ी चुनौती ट्रेंचिंग ग्राउंड को विकसित करना सबसे जरूरी होगा।

2021 का सर्वेक्षण भी बनेगा चुनौती

स्वच्छता सर्वे 2021 में सर्वेक्षण की टीम शहर नहीं आएगी। ऑनलाइन सर्वेक्षण कर लोगों से सफाई का फीडबैक लेगी। ऑनलाइन सर्वेक्षण होने के कारण यह भी शहर के लिए चुनौतीभरा होगा। स्वच्छता सर्वेक्षण का पेपर इस साल भी 6000 अंक का ही होगा। पिछली बार चार भाग में 25-25 प्रतिशत अंक थे, इस साल तीन भाग में अंक बटेंगे। एक भाग 40 प्रतिशत का होगा जबकि दो भाग 30-30 प्रतिशत अंक के होंगे। इस बार नपा को खतरनाक श्रेणी के कचरे का निपटान करना जरूरी होगा। जो जनता के लिए खतरनाक है। इस बार पॉलीथिन-प्लास्टिक के उपयोग रोकने संबंधी किए गए कार्य और रिकॉर्ड ही नहीं देखेंगे। इसकी जगह आमजन के फीडबैक को माना जाएगा। बगीचा, दुकानदारों, होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, एजुकेशन इंस्टीट्यूट, सरकारी या प्राइवेट ऑफिस आदि से जुड़े लोगों से फीडबैक लिया जाएगा।

डीपीआर बनवाई जा रही है

ट्रेंचिंग ग्राउंड की जमीन अधपित्य के बाद पहुंच मार्ग को लेकर दिक्कत हुई। पहुंच मार्ग मिलने पर डेढ़ माह पूर्व सीमांकन किया गया है। इसके बाद अब ट्रेंचिंग ग्राउंड के विकास को लेकर डीपीआर बनवाई जा रही है।

- राजेश मिश्र, सहायक यंत्री, नपा सेंधवा।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस