युवराज गुप्ता, ब़ड़वानी। जिले के सबसे छोटे गांव बोरलाय की महिलाएं ब़ड़ा काम कर दिखा रही है। यहां की महिलाओं ने जैविक ग्रुप बनाकर जैविक खेती की शुरुआत की है। करीब 30 से अधिक महिलाएं मिलकर करीब 100 एक़ड़ में जैविक खेती कर मिसाल कायम कर रही है। ये उद्यमी महिला कृषक जिले में आदर्श खेती को ब़ढ़ावा दे रही है।एक से पांच एक़ड़ तक के खेतों में जैविक खेती के माध्यम से गेहूं, कपास व सब्जियों की फसलें ले रही है। वहीं जिला प्रशासन ने भी इन महिलाओं को सम्मानित किया गया है। इस बार ये महिलाएं ब़ड़वानी के स्थापना दिवस पर स्टाल लगाकर जैविक खेती का प्रचार-प्रसार करेंगी।

ग्रुप की प्रमुख योगिता राजेश पाटीदार ने बताया कि उनके पति जैविक खेती करते हैं। उनका हाथ बंटाने के लिए वे भी जैविक खेती से जुड़ी। गांव की अन्य महिलाओं ने जब ये देखा तो वे भी आगे आई और सभी महिलाओं ने जैविक ग्रुप बनाया। पहले पांच महिलाओं ने शुरुआत की और अब करीब 30 महिलाएं जुड़ गई हैं।

जीरो बजट की है यह खेती

उद्यमी महिला कृषक योगिता ने बताया कि यह खेती जीरो बजट की होती है। पूरी तरह से देशी गाय के गोबर व गोमूत्र पर आधारित इस खेती से बेहतर फसल मिलती है। साथ ही जैविक खाद डाली जाती है। इस खेती से खेत की मिट्टी भी उपजाऊ होती है। यह पूरी तरह से पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य हितैषी खेती है। ग्रुप की महिलाएं तीन से दस एकड़ तक खेतों में जैविक खेती कर रही है। इस बार जिला प्रशासन के आग्रह पर गौरव महोत्सव के समारोह में स्टाल लगाकर अन्य लोगों को भी जैविक खेती को जानकारी देकर इसके लाभ बताएंगे।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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