*किशोरी के आवेदन पर कालबेलिया बस्ती में दो दिन लगाया गया विधिक सहायता शिविर, 52 आवेदन आए

बड़वानी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बड़वानी के न्यायालय में उपस्थित होकर बड़वानी निवासी 13 वर्षीय किशोरी ने गुहार लगाई थी कि उसके घर की छत टूट गई है और पिता सपेरा कालबेलिया जनजाति के होने से वर्तमान में दूसरे राज्य में काम करने गए हैं। बच्ची के आवेदन के आधार पर प्रधान जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में 24 और 25 जून को महेंद्र टाकीज के समीप सपेरा बस्ती में विधिक सहायता शिविर लगाया गया। इसमें 52 आवेदन मिले। बालिका के मकान को लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।

उल्लेखनीय है कि चाइल्ड लाइन की मदद से बालिका ने न्यायालय से गुहार लगाई थी। इसके बाद नगर पालिका बड़वानी के सीएमओ ने बालिका के क्षतिग्रस्त मकान का मौका मुआयना कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं प्राधिकरण के सचिव सहित कई कर्मचारी एवं पैरालीगल वालेंटियर ने शिविर में शामिल होकर सपेरा बस्ती में रहवासियों से शिकायती आवेदन प्राप्त किए। इस दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित अन्य न्यायाधीश भी उपस्थित रहे। इस दौरान रहवासियों ने अपनी बस्ती में नल कनेक्शन, अस्थायी पट्टे, शौचालय, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आवास, कृत्रिम अंग, सिकलसेल, विधवा पेंशन, संबल योजना से संबंधित 52 आवेदन सौंपे। इस पर न्यायालय ने जिला प्रशासन की जानकारी में उक्त आवेदनों की स्थिति को लाते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए प्रेषित किया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विशेष न्यायाधीश जाकिर हुसैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीता कन्नाौजे, पैरालीगल वालेंटियर रघुनाथ सेन, शैली सोलंकी, हर्षा परमार, नाजिया खान, अंकिता गुप्ता, ललिता गुर्जर, सुनीता चौहान एवं जिला प्राधिकरण के कर्मचारी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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