सेंधवा/बड़वानी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। श्रावण माह के समापन पर जिले में जगह-जगह शिवडोले का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सेंधवा में भी भगवान का आकर्षक शिवडोला निकाला गया। यहां के राजाधिराज भगवान श्री राजराजेश्वर महादेव ने धूमधाम से पालकी में विराजकर नगर भ्रमण किया और प्रजा के हाल जाने।

दरअसल सेंधवा के किले के अंदर स्थित अठारहवीं सदी में बना प्राचीन शिव मंदिर जिले का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। नगर और आसपास के क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र है। हिंदू समाज समिति के तत्वावधान में भव्य शिव डोले का आयोजन किया गया। इसमें फूलों से सजी आकर्षक पालकी में विराजमान भगवान राजराजेश्वर की विधि विधान से श्रृंगार, भोग आरती की गई। आरती में हिंदू समाज समिति के सदस्य, पूर्व मंत्री अंतर सिंह आर्य, नगर पालिका अध्यक्ष बसंती बाई यादव, समाज सेवी विष्णु प्रशाद यादव, रेलास सेनानी नगर के भक्त शामिल थे।

शिवडोले में भक्तों ने राजराजेश्वर के जयकारे लगाकर शिव पालकी को अपने कांधे पर उठाया और नगर भ्रमण कराया। शिव डोले में भगवान केदारनाथ के मंदिर के तर्ज पर बनी झांकी आकर्षण का केंद्र रही। शिव डोले का जगह जगह भक्तों ने पलक पावड़े बिछा कर फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। शिव डोले में भक्तों का जोश देखते ही बनता था। ढोल ताशे, डमरू, झांझ, डीजे की धुन पर लोग नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। डोला मार्ग पर प्रशासन ने व्यवस्था सम्भाल रखी थी। नगर पालिका, राजस्व, पुलिस की टीम का विशेष सहयोग रहा।

प्रजापति समाज ने तलवाड़ा डेब में निकाला भगवान त्रिलोकेश्वर महादेव का डोला

तलवाड़ा डेब। श्रावण मास शुरू होते ही प्रजापत समाज के नागरिकों ने प्रतिदिन नगर में प्रभातफेरी निकालकर भजन-कीर्तन किया। श्रावण पूर्णिमा की सुबह समाजजन ने भगवान त्रिलोकेश्वर महादेव को डोले में बिठाकर नगर भ्रमण कराया। इस दौरान गुलाल भी उड़ाया गया। हुकुम प्रजापत ने बताया कि पिछले 25 सालों से हमारे पूर्वज भी प्रतिवर्ष श्रावण मास में प्रभातफेरी और श्रावण के अंतिम दिन भगवान का नगर भ्रमण करवाते थे तो हम भी इस प्रथा को आगे बढ़ाते जा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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