बड़वानी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे गंभीर से मरीजों के लिए पिछले माह से रेमडेसिविर इंजेक्शन की खासी मांग बनी हुई है। इस दौरान प्रशासन द्वारा

निजी अस्पतालों के मरीजों के लिए कलेक्टोरेट से इंजेक्शन वितरित किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार सप्ताहभर में 500 से अधिक इंजेक्शन

वितरित किए हैं। इस दौरान उपयोग नहीं होने पर सिर्फ तीन इंजेक्शन वापस लौटाए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि बड़े शहरों के साथ बड़वानी में भी गत सोमवार को पूर्व रेमडेसिविर की कालाबाजारी पुलिस ने रंगेहाथों पकड़ी है। शहर के आशाग्राम रोड स्थित श्री गुरुपद अस्पताल के बाहर खड़े युवक और उसे इंजेक्शन उपलब्ध करवाने वाले इसी अस्पताल के फार्मासिस्ट को 25 हजार रुपये में इंजेक्शन बेचने का पुलिस ने भांडाफोड़ किया है। इससे पिछले माह

से इंजेक्शन को लेकर कालाबाजारी की चर्चाओं को अब वास्तवीक रुप से बल मिलने लगा है।

आरोपितों से कर रहे हैं पुछताछ

कोतवाली के एसआई लखनसिंह बघेल ने बताया कि एक दिन पूर्व रेमडेसिविर बेचते पकड़े गए दोनों आरोपितों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस पता लगा रही है कि उक्त अस्पताल में कुल कितने संक्रमितों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हुए थे और किन-किन मरीजों को कितने इंजेक्शन के डोज लगाए गए हैं। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ करते हुए मरीजों के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।

तीन इंजेक्शन लौटाए हैं

अपर कलेटर लोकेश कुमार जांगिड़ ने बताया कि वे एक सप्ताह से कामकाज देख रहे हैं। इस दौरान करीब 500 से अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन कलेक्टोरेट से निजी अस्पतालों को वितरित किए गए हैं। इस दौरान सिर्फ तीन इंजेक्शन लौटाने की प्रक्रिया हुई है। वहीं औषधि अधिकारी गीतम पटोदिया के अनुसार जिले में 14 अप्रैल से प्रशासन के सहयोग से रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरण शुरु हुआ है। प्रतिदिन अलग-अलग संख्या में वितरण हो रहा है। मंगलवार को 125 इंजेक्शन बांटे गए।

यह था मामला

बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के आशाग्राम रोड स्थित श्री गुरुपद हास्पिटल के सामने कोई व्यक्ति रेमडेसिविर इंजेक्शन महंगे दाम में बेच रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आरक्षक को ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा। इस दौरान अस्पताल के बाहर खड़े युवक विनय रजक निवासी राजपुर द्वारा पुलिस आरक्षक से सौदा कर 25 हजार रुपये में अस्पताल के अंदर से लाकर इंजेक्शन उपलब्ध करवाया। इसके तत्काल बाद पुलिस ने उसे पकड़ा। आरोपित विनय ने यह इंजेक्शन गुरुपद हास्पिटल के फार्मासिस्ट राहुल बडगूजर द्वारा देना बताया। पुलिस ने फार्मासिस्ट को भी मौके से पकड़ लिया।

आरोपित फार्मासिस्ट ने पूछताछ में कबूल किया है कि गुरुपद अस्पताल में कोविड मरीज अखिलेश सोनी निवासी डेहरी के लिए दो इंजेक्शन गत माह कलेक्टोरेट से प्राप्त किए थे। इस दौरान एक इंजेक्शन 29 अप्रैल को मरीज को लगा दिया था। वहीं उसी दिन मरीज को गंभीर बताते हुए गुरुपद अस्पताल से जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में रैफर कर दिया था। ऐसे में दूसरा इंजेक्शन बच गया था, इसे वापस प्रशासन को जमा न करते हुए लाभ कमाने के उद्देश्य से 25 हजार रुपये में बेचने का प्लान बनाया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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