बड़वानी(नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रथम अपर सत्र न्यायालय कैलाश प्रसाद मरकाम ने पारित अपने फैसले में रिश्वत लेने के आरोपित शैलेश पुत्र लक्ष्मण पंवार निवासी राजपुर को धारा-7, 13(1)डी, 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनिम, 1988 चार-चार वर्ष का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी महेश पटेल जिला लोक अभियोजन अधिकारी ने की।

अभियोजन मीडिया प्रभारी कीर्ति चौहान ने बताया कि फरियादी अनीस अहमद पिता अब्दुल हाफिज की मेसर्स राज कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म है। वर्ष 2014 में राजपुर नगर परिषद के इंडोर स्टेडियम के शेष निर्माण कार्य की 13 लाख 79 हजार 500 रुपये की निविदा जारी हुई थी। जिसका टेंडर आवेदक को प्राप्त हुआ था। आवेदक ने कराए काम के प्रथम रनिंग बिल उपयंत्री शैलेष पवांर नगर परिषद राजपुर के माध्यम से परिषद कार्यालय में जमा किए थे। जिनका आहरण आवेदक को चैक के माध्यम से हो चुका था। चैक प्राप्ती के बाद नगर परिषद राजपुर के सीएमओ दिनेश जमरे ने आवेदक के उपर दबाव बनाकर आहरित राशि का 20 प्रतिशत के हिसाब से एक लाख रुपए रिश्वत के ले लिए थे।

मोबाइल में रिकार्ड की रिश्वत की बात

वहीं दूसरी बार कराए कार्य के द्वितीय रनिंग बिल उपयंत्री शैलेष पंवार के माध्यम से नगर परिषद राजपुर में जाम किए थे। जिसका आहरण आवेदक को चैक के माध्यम से हो चुका था, चेक प्राप्त होने के बाद उपयंत्री शैलेष पवांर ने आवेदक के उपर दबाव बनाकर आहरित राशि के 20 प्रतिशत के हिसाब से एक लाख 60 हजार रुपये रिश्वत के लिए थे। इस प्रकार प्रति रनिंग बिल के समय बिलों के आहरण के लिए 20 प्रतिशत के हिसाब से एक लाख 11 हजार 200 रुपए के हिसाब से रिश्वत की मांग की गई। साथ ही रुपए नहीं देने पर चतुर्थ रनिंग का बिल भुगतान नहीं करने की बात कही। आवेदक ने तृतीय रनिंग बिल के भुगतान के बाद चार लाख रुपए का कार्य किया था। वहीं सीएमओ दिनेश जमरे ने अपने मोबाइल से आवेदक को फोन लगाकर आहरित राशि के पांच प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत की मांग की। जिसको आवेदक ने अपने मोबाइल में रिकार्ड कर लिया था।

हो चुकी हैं आरोपित सीएमओ की मौत

आवेदक ने मोबाइल रिकार्डंिग इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में पेश कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई कर तत्कालिन सीएमओ दिनेश जमरे को शासकीय आवास में आवेदक से 20 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड;ा। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने प्रकरण में कार्रवाई कर प्रकरण की विवेचना दिनेशचंद्र पटेल ने की। हालांकि इस दौरान आरोपित दिनेश जमरे की मौत हो चुकी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local