गरीब बच्चों को एक रूपए प्रतिदिन पर दे रहे हैं प्राथमिक शिक्षा

-लायंस क्लब 10 साल से कर रहा है 'लायंस विद्या निके तन' का संचालन

-गणवेश, पुस्तक-कॉपियों सहित अध्ययन सामग्री भी निशुल्क

रमन बोरखड़े

सेंधवा। नईदुनिया

स्थानीय लायंस क्लब ने 10 वर्ष आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प लिया, जो आज तक अनवरत जारी है। क्लब द्वारा संचालित 'लायंस विद्या निके तन' में कमजोर वर्ग के बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दी जाती है, वह भी महज एक रुपए रोज अर्थात सिर्फ 30 रुपए प्रतिमाह में। क्लब सदस्यों का मानना है कि यह फीस भी सिर्फ इसलिए ली जाती है कि पालकों को भी यह लगे कि बच्चों को पढ़ाने में उनका भी योगदान है। क्लब द्वारा बच्चों को गणवेश, कि ताब-कॉपियां व अन्य अध्ययन सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

क्लब द्वारा संचालित विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक में 70 से 90 बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है। लायंस विद्या निके तन के चेयरमेन सुभाष गर्ग ने बताया कि अभिभावक बच्चों को प्राइवेट स्कू ल में पढ़ाना चाहते हैं। प्राइवेट स्कू लों की फीस अधिक होने के कारण गरीब परिवारों के बच्चे प्रवेश नहीं ले पाते हैं। ऐसे में बच्चे शिक्षा से वंचित होकर कम उम्र में ही काम करने लगते हैं। ऐसे बच्चों को प्राइवेट स्कू ल की भांति शिक्षण व व्यवस्था देकर शिक्षित करने के लिए लायंस क्लब द्वारा प्रयास कि या जा रहा है। कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को संस्था द्वारा स्वयं शासकीय स्कू ल में जाकर उसकी प्रवेश प्रक्रिया करवाई जाती है। लायंस क्लब अध्यक्ष गोपाल तायल ने बताया कि बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए भी समिति द्वारा प्रतियोगिताओं और खेल गतिविधियों का आयोजन भी कि या जाता है। स्कू ल में पर्याप्त प्रकाश, पंखे, शुद्ध पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था है।

14बीएआर-51सेंधवा में लायंस विद्या निके तन में पढ़ने वाले बच्चों को गणवेश वितरण करते हुए लायंस क्लब के पदाधिकारीगण।

14बीएआर-52लायंस विद्या निके तन के विद्यार्थी।