*मुनि संधान सागर के सान्निध्य में दो दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन

बड़वानी। दिगंबर जैन तीर्थ सिद्धक्षेत्र बावनगजा में मुनि दुर्लभसागर, मुनि संधानसागर की प्रेरणा से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बड़वानी, आलीराजपुर, धार, खरगोन जिले के लगभग 700 मरीजों का लगभग 10 डाक्टरों की टीम ने परीक्षण किया। इसमें डाक्टरों ने आहार चर्या के सुधार के लिए विशेष परामर्श दिया। साथ ही सभी मरीजों को निश्शुल्क काढ़ा व दवाइयां दीं। साथ ही फिजियोथेरेपी भी की गई और उसके बारे में भी जानकारी दी गई।

शिविर के संयोजक दंत रोग विशेषज्ञ डा. चक्रेश पहाड़िया ने बताया कि इस शिविर में लगभग 10 चिकित्सक निश्शुल्क सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। आसपास की जनता इस शिविर का लाभ लें। शिविर रविवार को भी रहेगा। मीडिया प्रभारी मनीष जैन ने बताया कि इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ जिला चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डा. अनीता सिंगारे, सुशीला पाटनी किशनगढ़ ने फीता काटकर किया। अतिथियों का स्वागत ट्रस्ट के कार्यकारी अध्यक्ष शेखर पाटनी, चातुर्मास कमेटी संयोजक विनोद दोशी, चक्रेश पहाड़िया अन्य ट्रस्टी और पदाधिकारियों ने किया।

'जहां पुण्य बेचकर पाप खरीदा जाता है उसी का नाम संसार'

अंजड़। जो प्राप्त है, वहीं पर्याप्त है। संसार में सुख का भ्रम है। भगवान की वाणी हृदय में उतर जाए तो भव सुधर जाएगा। आरंभ परिग्रह से निवृत होना ही संवेग है।

यह बात प्रवचन के दौरान महासती साधना ने उत्तराध्ययन सूत्र के 29वें अध्ययन की व्याख्या करते हुए सम्यक पराक्रम को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि संसार के स्वरूप को समझे बिना निर्वेग भाव नहीं आ सकता। जहां पुण्य बेचकर पाप खरीदा जाता है, उसे संसार कहते हैं। उन्होंने कहा कि बिना पुण्यवाणी के पुरुषार्थ भी निष्फल हो सकता है। सुबाहु कुमार की कथा सुनाते हुए कहा समय से पहले और भाग्य से ज्यादा कुछ नहीं मिलता। फिर संसार में इतनी आपाधापी क्यों। महासती शशिकला ने कहा कि सामायिक मोक्ष का बीज है। सामायिक शुद्ध भाव से करना चाहिए। श्रवण ही स्वर्ण है। जिनवाणी श्रवण करना भी पिछले कर्मों का पुण्य है। जो मान करेगा उसी का अपमान होगा। इसीलिए मानव जीवन में कभी अहं भाव नहीं रखना चाहिए। आत्मा के स्वरूप को समझना ही आंतरिक दृष्टि है, केवल बाह्य दृष्टि से देखने के कारण ही संसार में भटकना पड़ता है।

भगवान हिरण्यगर्भेश्वर महादेव

मंदिर में भंडारा आज

ठीकरी। नगर के प्राचीन श्री हिरण्यगर्भेश्वर महादेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत रविवार को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें नगर सहित आसपास क्षेत्र के लोग प्रसादी ग्रहण करेंगे। भगवान का अभिषेक पूजन कर कन्या पूजन किया जाएगा। इसके बाद भंडारा होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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