सेंधवा। देशभर में बच्चा चोरी के खिलाफ कु छ इस कदर दहशत का माहौल बन गया है कि जहां कहीं भी कि सी पर बच्चा चोरी करने का शक होता है लोग उग्र हो जाते हैं और उसकी धुनाई शुरू कर देते हैं। इसी तरह के दो मामले सेंधवा अंचल में पिछले दो दिनों में सामने आए हैं। जहां पर उग्र लोगों की भीड़ ने एक महिला और एक युवक की जमकर पिटाई कर दी। गनीमत रही कि पुलिस समय पर पहुंच गई, नहीं तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

पुलिस के मुताबिक अंचल के ग्राम पिपल्याडेब में सोमवार शाम को बच्चा चोरी के शक में भीड़ ने एक महिला की पिटाई कर दी। वहीं, मंगलवार को ग्राम कमोदवाड़ा में एक युवक से मारपीट कर बंधक बना लिया। मौके पर पहुंचे शिक्षक ने मामला समझकर पुलिस को सूचना देकर जागरुकता का परिचय दिया। पहली घटना ग्रामीण पुलिस थानांतर्गत ग्राम पिपल्याडेब की है।

यहां सोमवार शाम को बच्चा चोरी की आशंका में ग्रामीणों ने एक अर्धविक्षिप्त महिला की पिटाई कर दी। पुलिस जब भीड़ से बचाकर उन्हें थाने लेकर आई तो मामला कु छ और ही निकला। ग्रामीण पुलिस थाना के एएसआई पूरणसिंह मंडलोई ने बताया कि महिला अर्धविक्षिप्त महिला थी। गौरतलब है कि बच्चा चोरी की खबरंे सोशल मीडिया पर अधिक वायरल होने के कारण भी ग्रामीण क्षेत्रों में बेकसूर और अनजान लोगों को बच्चा चोर समझकर पिटाई कर दी जा रही है। सेंधवा अंचल में हुए दोनों मामले इसी प्रकार के निकले हैं।

शिक्षक ने बचाया

मंगलवार शाम को नागलवाड़ी पुलिस थानांतर्गत ग्राम कमोदवाड़ा में एक अनजान व्यक्ति को देख ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई कर उसे घेर लिया। इसी दौरान शिक्षक साजिद मंसूरी ने मौके पर पहुंच युवक से चर्चा की। इसके बाद शिक्षक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे लोगों से छुड़वाकर थाने ले गई। नागलवाड़ी थाना प्रभारी मजहर खान ने बताया कि युवक मानसिक रूप से कमजोर होकर मोरगुन क्षेत्र का निवासी था। शिक्षक मंसूरी ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा युवक की बच्चा चोर समझकर पिटाई कर दी गई थी।